नई दिल्ली। आजकल हर किसी की जेब में पेन कार्ड होता ही है, कई ऐसे काम भी हैं, जो इसके बिना पूरे भी नहीं हो सकते हैं. लेकिन कभी जेब में पड़े पेनकार्ड को ध्यान से देखा है. असल में कार्ड में दिखने वाले 10 नंबरों का एक मतलब होता है. जी हां तो क्या आप इन अक्षरों का मतलब जानते हैं, अगर नहीं तो चलिए इस खबर में हम डिटेल्स में जानते हैं.
पेन कार्ड की जरूरत
हम सभी की जेब में कई सारे कार्ड रखे होते हैं,लेकिन इनमें से सबसे अहम होता है PAN कार्ड (परमानेंट अकाउंट नंबर). पेन कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि आपकी ‘आर्थिक पहचान पत्र’ होता है. इनकम टैक्स भरने से लेकर बैंक में खाता खुलवाने तक, प्रॉपर्टी खरीदने से लेकर बड़े निवेश करने तक, हर जगह PAN कार्ड की जरूरत पड़ती ही है.
PAN कार्ड के 10 अक्षर
क्या आप जानते हैं कि आपके पैन कार्ड पर लिखे 10 अक्षर सिर्फ यूं ही नहीं लिखे होते हैं. उनमें कई राज भी छुपे होते हैं, आपकी पहचान से जुड़े ‘सीक्रेड कोड’होते हैं. तो अगर आपने इन कोड्स को नहीं समझा या पैन कार्ड की अहमियत को नजरअंदाज किया, तो फ्यूचर में परेशानी झेलना पड़ सकता है.
आखिर ये PAN बला क्या है
PAN यानी स्थायी लेखा संख्या (Permanent Account Number), भारत के आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी किया गया, एक 10-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड होता है.ये हर उस व्यक्ति या संस्था के लिए सबसे जरूरी होता है जो टैक्स के दायरे में आता है या फिर कुछ खास तरह के वित्तीय लेनदेन करता है.तो सोचिए, जैसे स्कूल में आपका रोल नंबर होता है, वैसे ही टैक्स डिपार्टमेंट के लिए आपका पैन नंबर आपकी पहचान माना जाता है.
PAN के 10 ‘जादुई’ अक्षर
पैन कार्ड पर मौजूद 10 कैरेक्टर महज रैंडम नहीं होते हैं, बल्कि इनमें छिपा होता है एक खास तरह का पैटर्न, तो पहले तीन कैरेक्टर AAA से ZZZ तक अंग्रेजी के अक्षर होते हैं, जो एक सीक्वेंस में चलते हैं, चौथा अक्षर सबसे अहम होता है और यह बताता है कि कार्ड धारक कौन है: P–व्यक्ति, C–कंपनी, H–HUF, A–AOP, B–BOI, G–सरकारी एजेंसी, J–न्यायिक व्यक्ति, L–स्थानीय निकाय, F–फर्म/LLP, T–ट्रस्ट. इसके साथ ही पांचवां अक्षर पैनधारक के सरनेम का पहला अक्षर दर्शाता है.वैसे ये कैरेक्टर मिलकर आपकी पहचान को एक यूनिक डिजिटल पहचान दिलाते हैं.
संस्था के नाम का पहला अक्षर
वैसे पैन कार्ड के 10 कैरेक्टर में हर एक का खास मतलब होता है. पहले 5 कैरेक्टर के बाद अगले चार अक्षर होते हैं अंक (0001 से 9999), जो सीक्वेंशियल यानी क्रम में होते हैं. ये हर पैन धारक को यूनिक बनाते हैं.10वां और लास्ट कैरेक्टर अंग्रेजी का एक अक्षर होता है जिसे ‘चेक डिजिट’ कहते हैं.ये एक खास फॉर्मूले से तय होता है जो पहले के 9 कैरेक्टर के आधार पर बनता है.
इन कामों के लिए PAN कार्ड जरूरी
PAN कार्ड आज की तारीख में एक ‘मास्टर की’ बन चुका है.इसके बिना कुछ काम नहीं होते हैं पूरे, जैसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं कर सकते, बैंक अकाउंट खोलना मुश्किल,50,000 रुपये से ज्यादा का लेनदेन नहीं होगा,डीमैट अकाउंट नहीं खोल पाएंगे,प्रॉपर्टी खरीदना या बेचना मुश्किल,गाड़ी खरीदना या बेचना कठिन आदि है.
PAN ना करें नजरअंदाज
अगर अभी आपके पास पैन कार्ड नहीं है या फिर आप इसे जरूरी जगहों पर यूज नहीं करते हैं, तो फिर होगा ये कि इससे आपकी आय पर 20% या उससे भी ज्यादा TDS कटा जा सकता है. इसके अलावा कुछ मामलों में आयकर विभाग आप पर जुर्माना भी लगा सकता है.बैंक पैन को बहुत गंभीरता से लेते हैं तो पैन कार्ड जरूरत को समझना भी जरूरी है.
चुटकियों में बनवाएं PAN कार्ड
पैन कार्ड बनवाना आज के टाइम में बहुत ही आसान हो गया है.अब पेनकार्ड के लिए घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं या किसी एजेंट की मदद ले सकते हैं.इसके अलावा आधार कार्ड के जरिए भी e-PAN जल्दी मिल सकता है.







