प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के आरोग्य मंदिर और मोहल्ला क्लीनिक दोनों ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं, लेकिन इनमें कई महत्वपूर्ण अंतर हैं। नई बीजेपी सरकार के तहत मोहल्ला क्लीनिकों को धीरे-धीरे “शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर” (U-AAM) में परिवर्तित किया जा रहा है।
आरोग्य मंदिर और मोहल्ला क्लीनिक में अंतर
मोहल्ला क्लीनिक 2015 में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा शुरू किए गए, इनका उद्देश्य दिल्ली के लोगों को उनके मोहल्लों में मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, जैसे बुखार, खांसी, जुकाम और सामान्य टेस्ट (212 प्रकार की जांच) प्रदान करना था। यह छोटी-मोटी बीमारियों और टीकाकरण पर केंद्रित था।
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत, आरोग्य मंदिर अधिक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। इनमें गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, डिलीवरी के बाद की देखभाल और परिवार नियोजन काउंसलिंग शामिल हैं। मोहल्ला क्लीनिक मुख्य रूप से बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं जैसे मुफ्त दवाएं, सामान्य ब्लड टेस्ट, और टीकाकरण। ये क्लीनिक छोटे स्तर पर काम करते थे और ज्यादातर किराए की इमारतों या अस्थायी ढांचों में संचालित होते थे।
14 प्रकार के टेस्ट इन-हाउस (30 मिनट में रिपोर्ट) और 79 प्रकार के टेस्ट आउटसोर्स्ड, योग सत्र (सप्ताह में दो दिन), और गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग। ये सरकारी जमीन पर बनाए जा रहे हैं, जिससे किराए की समस्या खत्म हो।
संरचना और बुनियादी ढांचा
मोहल्ला क्लीनिक में 553 क्लीनिकों में से केवल 11 सरकारी भवनों में थे, बाकी किराए पर या अस्थायी ढांचों (जैसे शिपिंग कंटेनर) में चल रहे थे। कुछ क्लीनिकों में अव्यवस्था और फंड की कमी की शिकायतें थीं। आरोग्य मंदिर दिल्ली में 1,139 आरोग्य मंदिर बनाने की योजना है, जिसमें पहले चरण में 33 केंद्र शुरू किए गए। ये सरकारी जमीन पर स्थायी संरचनाओं में बन रहे हैं। उदाहरण के लिए, तीस हजारी कोर्ट परिसर में पहला आरोग्य मंदिर शुरू हुआ।
कर्मचारी और वेतन मॉडल
मोहल्ला क्लीनिक में दैनिक वेतन मॉडल पर आधारित, जिसके कारण कर्मचारियों को वेतन में देरी की शिकायतें थीं। आरोग्य मंदिर में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत मासिक वेतन मॉडल लागू किया गया है। प्रत्येक केंद्र में एक MBBS डॉक्टर, नर्स, मल्टी-पर्पस स्टाफ, और सफाईकर्मी होंगे।
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ाव
मोहल्ला क्लीनिक में AAP सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं किया था, जिसके कारण दिल्ली में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध नहीं था। आरोग्य मंदिर ये आयुष्मान भारत योजना के तहत काम करेंगे, जिसमें 51 लाख लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिए जाएंगे, जो प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करेंगे।
नाम और री-ब्रांडिंग
मोहल्ला क्लीनिकों को “शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर” में री-ब्रांड किया जा रहा है। यह बदलाव बीजेपी सरकार की नीति का हिस्सा है, जिसमें पुराने ढांचे को अपग्रेड करने और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शामिल है। आरोग्य मंदिर की पहली झलक पहला आरोग्य मंदिर तीस हजारी कोर्ट परिसर में शुरू हुआ, जिसका औपचारिक उद्घाटन 31 मई 2025 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। यह दिल्ली में बीजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में था।
इंद्रपुरी में एक आरोग्य मंदिर की दीवारों पर चिकित्सा थीम वाली तस्वीरें और बेहतर सजावट देखी गई। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि सेवाएं अभी भी मोहल्ला क्लीनिक जैसी ही हैं, और डॉक्टरों की अनुपस्थिति में क्लीनिक बंद रहते हैं। संचालन का समय सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 तक, रविवार को छोड़कर, मुफ्त सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
इसमें एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे टेस्ट के लिए निजी केंद्रों पर रेफरल, 12 सर्विस पैकेज, और गैर-संचारी रोगों की जांच शामिल है।
हाल की रिपोर्ट और बदलाव
दिल्ली सरकार ने 1,139 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने के लिए 1,749 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पहले चरण में 33 केंद्र शुरू किए गए और 80 अन्य केंद्रों का निर्माण शुरू हो चुका है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 15 केंद्र होंगे।
मोहल्ला क्लीनिकों का भविष्य मौजूदा 553 मोहल्ला क्लीनिकों को धीरे-धीरे आरोग्य मंदिरों में बदला जाएगा। जिन क्षेत्रों में आरोग्य मंदिर पूरी आबादी की जरूरतें पूरी कर सकेंगे, वहां मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे। मौजूदा स्टाफ को एक साल तक काम करने की अनुमति है, इसके बाद नई भर्तियां होंगी। मोहल्ला क्लीनिकों में फर्जी टेस्ट और फंड दुरुपयोग के आरोपों की सीबीआई जांच चल रही है, जिसे उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जनवरी 2025 में शुरू किया था। नई सरकार इन आरोपों की गहन जांच कर रही है।
सीएजी रिपोर्ट मोहल्ला क्लीनिकों में स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के लिए 52 करोड़ रुपये में से 30.52 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए, जिससे सेवाओं में कमी आई। आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में अब इस योजना को लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 51 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए जाएंगे।
सेवाओं में तत्काल बड़ा बदलाव !
आरोग्य मंदिर, मोहल्ला क्लीनिकों की तुलना में अधिक व्यापक और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनमें कैंसर स्क्रीनिंग, मातृ-शिशु देखभाल और आयुष्मान भारत योजना का लाभ शामिल है। हालांकि, कुछ स्थानीय लोग अभी भी इसे मोहल्ला क्लीनिक जैसा ही मानते हैं, क्योंकि सेवाओं में तत्काल बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा।
नई बीजेपी सरकार का फोकस स्थायी ढांचे, बेहतर सुविधाओं और भ्रष्टाचार की जांच पर है। अगले एक साल में 1,139 आरोग्य मंदिरों के निर्माण और आयुष्मान भारत योजना के विस्तार से दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।







