प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली : दिल्ली की भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में जल्द ही एक नई एक्साइज पॉलिसी लागू करने की तैयारी कर रही है। इस पॉलिसी का उद्देश्य शराब के व्यापार को पारदर्शी, आधुनिक और जवाबदेह बनाना है, साथ ही सामाजिक सुरक्षा और राजस्व वृद्धि पर ध्यान देना है। इसके लिए मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो 30 जून 2025 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगी। यह पॉलिसी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की 2021-22 की विवादास्पद एक्साइज पॉलिसी की जगह लेगी, जिसे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण रद्द कर दिया गया था।
नई एक्साइज पॉलिसी का उद्देश्य
शराब की बिक्री और वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना। वैज्ञानिक परीक्षण के माध्यम से शराब की गुणवत्ता की जाँच। राजस्व वृद्धि के लिए अन्य राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना। संवेदनशील समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव को रोकना और सामाजिक संतुलन बनाए रखना।सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई के जरिए अवैध शराब की बिक्री को रोकना।
कमेटी का गठन और कार्य
कमेटी में अध्यक्ष मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार। कमेटी अन्य राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश) की एक्साइज नीतियों की समीक्षा कर रही है ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सके। शराब व्यापार से जुड़े हितधारकों (जैसे आपूर्तिकर्ता, खुदरा विक्रेता, और उद्योग विशेषज्ञ) के साथ बैठकें।
डिजिटलीकरण, लाइसेंसिंग में पारदर्शिता और अवैध बिक्री पर रोक जैसे सुधारों को शामिल करना।कमेटी 30 जून 2025 तक अपनी अंतिम सिफारिशें दिल्ली कैबिनेट को सौंपेगी, जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अवैध बिक्री पर कार्रवाई !
शराब की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रयोगशाला-आधारित टेस्टिंग। बिक्री और वितरण प्रणाली को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना। शराब वितरण और बिक्री के लिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया को निष्पक्ष और खुला रखना। नकली और अवैध शराब की बिक्री पर सख्त निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई। शराब के दुरुपयोग को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर रोक।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली के लोगों का भरोसा सर्वोपरि है। हम ऐसी नीति ला रहे हैं जिसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न हो।” उन्होंने पूर्ववर्ती AAP सरकार की नीति को “भ्रष्ट, पक्षपातपूर्ण और जनविरोधी” करार देते हुए कहा कि उस नीति ने चुनिंदा निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाया और सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ। सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि नीति का कोई भी पहलू संवेदनशील समुदायों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शांति को प्रभावित नहीं करेगा।
AAP की नीति का विवाद
AAP की 2021-22 नीति: नवंबर 2021 में लागू इस नीति ने शराब व्यापार को निजी हाथों में सौंपा था, जिससे छूट और आधुनिकीकरण की बात कही गई थी। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने CBI जाँच की सिफारिश की, और नीति अगस्त 2022 में रद्द कर दी गई।
फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 नीति के खराब कार्यान्वयन से दिल्ली सरकार को 2,002 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें रिटेल लाइसेंस की दोबारा नीलामी न करना, जोनल लाइसेंसधारकों को छूट देना, और सुरक्षा जमा की गलत वसूली जैसे मुद्दे शामिल थे। इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, और अन्य AAP नेता गिरफ्तार हुए, हालाँकि वे अब जमानत पर हैं।
वर्तमान नीति और विस्तार
वर्तमान में दिल्ली में 2010 की पुरानी एक्साइज नीति लागू है, जिसे सितंबर 2022 में बहाल किया गया था। इसे 30 जून 2025 तक बढ़ा दिया गया है ताकि नई नीति लागू होने तक शराब की आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो। दिल्ली में लगभग 700 शराब की दुकानें चार सरकारी निगमों (DTTDC, DSCSC, DSIIDC और DCCWS) द्वारा संचालित की जाती हैं।
दिल्ली सरकार ने 2024-25 के बजट में एक्साइज से 6,400 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा था, लेकिन पहले तीन तिमाहियों में 4,233 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए। नई नीति से राजस्व बढ़ाने, अवैध व्यापार को रोकने और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
AAP नेता आतिशी ने नई नीति की आलोचना करते हुए कहा कि “BJP केवल पुरानी नीति को बढ़ा रही है और कोई नया दृष्टिकोण नहीं दिखा रही। उन्होंने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 2021-22 नीति ने पंजाब में राजस्व बढ़ाया था, और दिल्ली में इसका खराब कार्यान्वयन उपराज्यपाल, CBI, और ED की बाधाओं के कारण हुआ। ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक विनोद गिरी ने नई नीति का स्वागत किया, कहते हुए कि दिल्ली की मौजूदा नीति पुरानी है और आधुनिक नीति से आपूर्तिकर्ताओं का विश्वास बढ़ेगा।
आर्थिक सुधारों को लागू करने का अवसर !
रेखा गुप्ता सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी दिल्ली में शराब व्यापार को पारदर्शी, आधुनिक, और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार की कमेटी द्वारा तैयार की जा रही यह नीति 30 जून 2025 तक लागू होने की उम्मीद है। यह नीति AAP की विवादास्पद नीति से सबक लेते हुए भ्रष्टाचार को रोकने, राजस्व बढ़ाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित है। यह दिल्ली सरकार के लिए जनता का विश्वास जीतने और आर्थिक सुधारों को लागू करने का एक अवसर है।







