Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विशेष

शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा, 450 किमी दूर ISS तक 28 घंटे का रोमांचक सफर !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 25, 2025
in विशेष, विश्व
A A
ax-4 mission
22
SHARES
741
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

विशेष डेस्क/नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक की यात्रा, जो पृथ्वी से लगभग 400-450 किलोमीटर की ऊंचाई पर है, में 28 घंटे लगने का कारण तकनीकी, वैज्ञानिक और सुरक्षा से जुड़े कई कारक हैं। यह यात्रा ऐक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के तहत स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए हो रही है। आइए, इस यात्रा के रूट और समय के कारणों को एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा से विस्तार में समझते हैं।

अंतरिक्ष यात्रा का रूट और प्रक्रिया

इन्हें भी पढ़े

bpcl gas cylinder

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं

June 26, 2026
shri ram temple

राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज

June 26, 2026
weapons

दुनिया को हथियार देने वाले टॉप-5 देश, क्या इजराइल इन्हें पीछे छोड़ पाएगा?

June 25, 2026
Amazon joins hands with PM Modi

अमेजन ने मिलाया पीएम मोदी से हाथ, भारत में अरबों का निवेश करेगी कंपनी

June 25, 2026
Load More

शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर सवार ड्रैगन अंतरिक्ष यान के साथ रवाना हुए। रॉकेट ने लगभग 7,000 किमी/घंटा (7.8 किमी/सेकंड) की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल को पार किया।

लॉन्च के बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में प्रवेश करता है। यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी होती है, लेकिन इसके बाद यान को ISS की कक्षा के साथ तालमेल बिठाना होता है।

कक्षा समायोजन (Orbit Adjustment)

ISS पृथ्वी के चारों ओर 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से चक्कर लगाता है, जो इसे एक “चलता-फिरता लक्ष्य” बनाता है। ड्रैगन यान को ISS की सटीक कक्षा में पहुंचने के लिए कई बार अपनी कक्षा को समायोजित करना पड़ता है। यह समायोजन (Phasing Maneuvers) ईंधन की बचत और सटीक स्थिति के लिए धीरे-धीरे किया जाता है। इस प्रक्रिया में यान को ISS की गति और स्थिति के साथ तालमेल बिठाने के लिए छोटे-छोटे इंजन प्रज्वलन (Burns) किए जाते हैं, जिसके लिए समय और सटीक गणनाओं की आवश्यकता होती है।

ISS के करीब पहुंचने पर ड्रैगन यान को धीरे-धीरे स्टेशन के साथ गति और दिशा का मिलान करना होता है। यह प्रक्रिया बहुत सावधानीपूर्वक होती है, क्योंकि ISS और यान दोनों ही उच्च गति से चल रहे होते हैं। डॉकिंग से पहले यान की स्थिति, गति, और सिस्टम की जांच की जाती है। इसमें सेंसर, रडार, और नेविगेशन सिस्टम की मदद से यान को ISS के डॉकिंग पोर्ट से जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया समय लेने वाली होती है ताकि कोई टक्कर या तकनीकी गड़बड़ी न हो। ड्रैगन यान के 26 जून को शाम 4:30 बजे (IST) ISS से डॉक करने की उम्मीद है।

लॉन्च विंडो और तकनीकी देरी !

ISS तक पहुंचने के लिए एक विशिष्ट “लॉन्च विंडो” होती है, जिसमें रॉकेट को लॉन्च करना पड़ता है ताकि वह कम ईंधन के साथ और सटीक रूप से ISS तक पहुंच सके। मौसम की स्थिति, तकनीकी समस्याएं (जैसे फाल्कन 9 में ऑक्सीजन रिसाव), या ISS के रूसी मॉड्यूल (Zvezda) में दबाव की समस्याओं के कारण लॉन्च में देरी हो सकती है। Ax-4 मिशन को पहले 7 बार टाला जा चुका है, जो यात्रा की जटिलता को दर्शाता है।

28 घंटे क्यों लगते हैं ?

स्पेसएक्स का ड्रैगन यान, जो 2012 में पहली बार लॉन्च हुआ, अभी भी अपनी लॉन्च और फेजिंग तकनीकों को परिष्कृत कर रहा है। इसके विपरीत, रूस का सोयूज यान, जो 1960 के दशक से उपयोग में है, केवल 8 घंटे में ISS तक पहुंच सकता है, क्योंकि इसके गणितीय मॉडल और अनुभव अधिक परिपक्व हैं।

ड्रैगन यान की यात्रा में अतिरिक्त समय इसलिए लगता है ताकि कक्षा समायोजन और डॉकिंग पूरी तरह सुरक्षित और सटीक हो। यह सुनिश्चित करता है कि यान और ISS के बीच कोई टक्कर न हो और चालक दल सुरक्षित रहे। ISS की कक्षा लगातार बदलती रहती है, और ड्रैगन को इसके साथ तालमेल बिठाने के लिए कई चरणों में समायोजन करना पड़ता है। यह प्रक्रिया धीमी लेकिन सुरक्षित होती है।

क्या हैं मिशन की मुख्य बातें ?

शुभांशु और उनकी टीम ISS पर 14 दिन बिताएंगे, जहां वे विज्ञान, तकनीक, और शिक्षा से जुड़े प्रयोग करेंगे। मिशन की कमान नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन के पास है, और शुभांशु मिशन पायलट हैं। अन्य सदस्यों में हंगरी के टिबोर कपू और पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की शामिल हैं।

शुभांशु ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय होंगे, जो 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में भारत की मौजूदगी को और मजबूत करेगा। यह मिशन भारत के गगनयान मिशन (2026) के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा।

ISS की सुविधाएं और जीवन !

ISS एक फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है, जिसमें 6 सोने के केबिन, कई प्रयोगशालाएं और अन्य सुविधाएं हैं। यह 6-10 अंतरिक्ष यात्रियों को एक साथ होस्ट कर सकता है। अंतरिक्ष यात्रियों का पसीना और मूत्र रिसाइकिल कर पानी बनाया जाता है। CO2 को हटाने के लिए विशेष फिल्टर और संचार के लिए उपग्रहों का उपयोग होता है।

शुभांशु शुक्ला की 450 किमी दूर ISS तक की यात्रा में 28 घंटे लगने का कारण कक्षा समायोजन, डॉकिंग प्रक्रिया और सुरक्षा जांच की जटिलताएं हैं। यह यात्रा न केवल तकनीकी रूप से जटिल है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण में एक ऐतिहासिक कदम है। यह मिशन भारत के लिए गर्व का क्षण है और गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

यूपी में अब तमंचे नहीं लहराए जाते, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से देश को बनाएंगे आत्मनिर्भर : CM योगी

February 27, 2024
severe alert

देशभर में गूंजा ‘Severe Alert’- जानिए क्या है सरकार का नया डिजास्टर अलर्ट सिस्टम!

May 2, 2026
Crude oil

रूस से सस्ता तेल तो खरीद रहा भारत लेकिन हो गया ये बड़ा घाटा

April 27, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • 15 मिनट एक्स्ट्रा काम के भी मिलेंगे पैसे, नए लेबर कोड में ओवरटाइम के नियम समझें
  • 10 रुपये की ये छोटी सी चीज है नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर, एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे
  • आयरलैंड दौरे पर कप्तान श्रेयस अय्यर का दमदार संदेश ‘शेर की तरह खेलो’, जीत के साथ नई शुरुआत पर नजर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.