नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अगला अध्यक्ष कौन होगा? भारत की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स को फिलहाल इस सवाल का इंतजार है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म होने के बाद पार्टी की कमान किसके हाथ में जाएगी, इस पर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। नामों की लंबी लिस्ट चल रही है, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) हैं। अब खुद फडणवीस ने बताया कि वो भाजपा अगले अध्यक्ष बनेंगे या नहीं।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव मुंबई के मंच से देवेंद्र फडणवीस ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर जवाब दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा अध्यक्ष से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए हैं, उहोंने ये भी बताया है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में क्यों देरी हो रही है।
भाजपा अध्यक्ष बनने पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस?
क्या आप भाजपा अध्यक्ष बनने वाले हैं? फडणवीस ने इन उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा, ”देखिए, मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं। इस पार्टी में कोई व्यक्ति खुद से फैसला नहीं करता कि उसे मुंबई रहना है, दिल्ली जाना है या कहीं और। यह फैसला पार्टी करती है। मैं साफ कह दूं कि मैं अगले पांच साल महाराष्ट्र में ही रहूंगा। उसके बाद पार्टी जो फैसला लेगी, मैं उसका पालन करूंगा।” यानी, साफ है कि भाजपा अध्यक्ष पद पर उनकी दावेदारी की खबरों को उन्होंने सीधे-सीधे नकार दिया।
‘भाजपा अध्यक्ष वही बनेगा जो संघ की विचारधारा’
फडणवीस ने साफ किया कि भाजपा अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की कार्यप्रणाली के अनुसार होगा, न कि संघ के आदेश पर। उन्होंने कहा, “संघ और भाजपा की सोच अलग-अलग नहीं है। दोनों ही राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हैं। भाजपा अध्यक्ष वही बनेगा जो संघ की विचारधारा और भाजपा की पद्धति, दोनों से जुड़ा होगा। यह फैसला पूरी तरह पार्टी करेगी।”
फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भाजपा अध्यक्ष चुनने वाली कमेटी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी की संसदीय कमेटी में हूं, जहां टिकट वितरण जैसे फैसले होते हैं। लेकिन अध्यक्ष कौन बनेगा, इस पर टिप्पणी करना मेरा अधिकार नहीं है।”
भाजपा अध्यक्ष की रेस में अब तक किन-किन नेताओं का नाम?
भाजपा अध्यक्ष के लिए फडणवीस का नाम तो लगातार चर्चा में है, लेकिन वे अकेले नहीं हैं। भाजपा अध्यक्ष पद की रेस में जिन नामों पर लगातार चर्चा हो रही है, उनमें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, ओम माथुर और नितिन गडकरी जैसे बड़े नेताओं का नाम भी शामिल है। मीडिया में कई ऐसे नाम भी उछाले गए, जिन्हें सुनकर खुद फडणवीस भी चौंक गए। उन्होंने हंसते हुए कहा कि “कुछ नाम तो ऐसे भी थे कि यकीन ही नहीं हुआ कि मीडिया इस तरह की खबरें चला सकता है।”
RSS के हस्तक्षेप पर उठे सवालों पर क्या बोले फडणवीस?
संघ (RSS) के हस्तक्षेप पर उठे सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा, “राजनीति और सत्ता नीति ऐसी होती है कि समय-समय पर हमें याद दिलाना पड़ता है कि हम किस मूल्यों के लिए राजनीति में आए हैं। भाजपा में ऐसे भी लोग हैं जिनका संघ से कोई सीधा जुड़ाव नहीं रहा, लेकिन वे भाजपा में आए और अब वे भी संघ के विचारों से जुड़ गए। संघ और भाजपा के बीच कोई दूरी नहीं है, दोनों की मूल सोच एक ही है – राष्ट्र सर्वोपरि।”
फडणवीस के इस बयान ने फिलहाल उनकी दावेदारी पर विराम लगा दिया है, लेकिन भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। वे खुद को महाराष्ट्र तक सीमित बताते हैं, मगर राजनीतिक हलकों में यह सवाल अब भी घूम रहा है कि नड्डा के बाद आखिर पार्टी की कमान किसके हाथों में जाएगी। देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया है कि वे फिलहाल भाजपा अध्यक्ष बनने की रेस में नहीं हैं। लेकिन दिल्ली की राजनीति में अचानक कब किसका नाम आगे आ जाए, यह खुद फडणवीस भी मानते हैं कि कोई नहीं जानता।







