प्रकाश मेहरा
स्पोर्ट्स डेस्क
मुंबई: इस जीत ने बो दिया सपनों का बीजनवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में 2 नवंबर की रात, जब हरमनप्रीत कौर ने आखिरी कैच लपका, तो पूरा मैदान तिरंगे की लहरों से भर गया। 45,000 दर्शक खड़े होकर चिल्ला रहे थे—”इंडिया! इंडिया!”। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीत लिया। यह भारत की पहली वर्ल्ड कप जीत है—एक ऐसा पल जो 2005 और 2017 के फाइनल हार के दर्द को धो डालने वाला था। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि लाखों बेटियों के सपनों का बीज है, जो अब अंकुरित हो चुका है।
मैच का रोमांचक सफर… बल्ले और गेंदों की जंग
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 7 विकेट पर 297 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 87 रनों की चमकदार पारी खेली, जो टूर्नामेंट में उनकी लगातार चमक का प्रमाण थी। दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना (कैप्टन हरमनप्रीत के साथ) ने साझेदारी निभाई। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें 246 रनों पर रोक दिया। दीप्ति शर्मा ने 5 विकेट झटके (9.3 ओवर में 39 रन देकर), जो मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अमनजोत कौर का लॉरा वोल्वार्ड्ट का कैच लपकना भी यादगार रहा।
- भारत का स्कोर: 297/7 (50 ओवर)
- दक्षिण अफ्रीका का स्कोर: 246/10 (45.3 ओवर)
- मैन ऑफ द मैच: शेफाली वर्मा (87 रन + 2 विकेट)
- प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: दीप्ति शर्मा (215 रन + 22 विकेट)
यह जीत भारत का 339 रनों का सफल पीछा करने वाला सेमीफाइनल (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) का विस्तार थी, जहां जेमिमा रोड्रिग्स की 127* रनों की नाबाद पारी ने इतिहास रचा। टूर्नामेंट में भारत ने तीन लगातार हार के बाद कमबैक किया—एक ऐसी कहानी जो कभी न झुकने वाली भावना की मिसाल है।
खुशी के आंसू भावुक पल जो दिल जीत लेते हैं
जैसे ही आखिरी विकेट गिरा, मैदान पर आंसुओं की बाढ़ आ गई। हरमनप्रीत कौर ने ट्रॉफी उठाते हुए कहा, “यह हम सबका सपना था। हमने अपना सब कुछ दे दिया—शरीर, ऊर्जा, सब।”
स्मृति मंधाना ने हरमन को गले लगाते हुए रोते हुए कहा, “यह सिर्फ हमारी नहीं, हर उस महिला की जीत है जो हमें देख रही है।” अमनजोत कौर ने कहा, “यह उन सबके लिए है जिन्होंने हम पर भरोसा किया।” पूर्व कप्तान मिताली राज ने एक्स पर लिखा, “मैंने दो दशक से ज्यादा यह सपना देखा था। आपने सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि हर दिल जीत लिया। जय हिंद!”
Champions of the World 💙🇮🇳
I’ve seen this dream for over two decades, to watch the Indian women lift that World Cup trophy.
Tonight, that dream finally came true.
From the heartbreak of 2005 to the fight of 2017, every tear, every sacrifice, every young girl who picked up a… pic.twitter.com/MgClC7QE9J
— Mithali Raj (@M_Raj03) November 2, 2025
झूलन गोस्वामी ने कहा, “यह मेरा सपना था, तुमने पूरा कर दिया।” रोहित शर्मा स्टैंड्स में खड़े-खड़े रो पड़े, जबकि विराट कोहली ने लिखा, “लव यू गर्ल्स—तुमने इतिहास रच दिया।”
This was my dream, and you’ve made it come true 💙@TheShafaliVerma‘s 70 and two big wickets, @Deepti_Sharma06’s fifty and a fifer…absolute brilliance from both. The cup’s home 🇮🇳🏆#WomensWorldCup2025 #TeamIndia pic.twitter.com/RwCDe8RATl
— Jhulan Goswami (@JhulanG10) November 2, 2025
अमिताभ बच्चन ने कहा, “जीत गए! तुमने हमें गर्व से भर दिया।”
T 5552 – जीत गये !!! 🇮🇳🇮🇳
India Women Cricket .. WORLD CHAMPIONS !!
So much pride you have brought for us all ..
CONGRATULATIONS CONGRATULATIONS CONGRATULATIONS !!!!
💃🏻💃🏻🕺👏💪— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) November 3, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “यह जीत भविष्य की चैंपियंस को प्रेरित करेगी।” पूरे देश में जश्न छा गया—इंदौर के राजवाड़ा पैलेस से लेकर छोटे शहरों तक, तिरंगा लहराया।
A spectacular win by the Indian team in the ICC Women’s Cricket World Cup 2025 Finals. Their performance in the final was marked by great skill and confidence. The team showed exceptional teamwork and tenacity throughout the tournament. Congratulations to our players. This…
— Narendra Modi (@narendramodi) November 2, 2025
तिरंगे का गौरव… इतिहास रचती बेटियां
यह भारत का पहला महिला वर्ल्ड कप खिताब है। 1982 से शुरू हुए टूर्नामेंट में भारत तीसरी बार फाइनल में पहुंचा, और इस बार जीता। शेफाली वर्मा जैसी युवा सितारें (जो पहले रिजर्व में भी नहीं थीं) से लेकर दीप्ति शर्मा की ऑलराउंड क्षमता तक—यह टीम नारी शक्ति का प्रतीक बनी। कोच अमोल मुजुमदार ने कहा, “यह महिला क्रिकेट का वाटरशेड मोमेंट है।”
इंग्लैंड के खिलाफ साउथ अफ्रीका की सेमीफाइनल जीत के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया का 8 साल पुराना वर्चस्व तोड़ा। अब भारत के पास पुरुष और महिला दोनों वर्ल्ड कप हैं—एक संतुलित क्रिकेट राष्ट्र का प्रमाण।
सपनों का बीज… भविष्य की नई शुरुआत
यह जीत सिर्फ मैदान की नहीं, समाज की है। हर छोटी लड़की अब सोचेगी, “मैं भी कर सकती हूं।” बीसीसीआई ने 51 करोड़ रुपये का बोनस घोषित किया, जबकि आईसीसी ने 4.48 मिलियन डॉलर (करीब 39.78 करोड़) दिए। कुल प्राइज मनी 13.88 मिलियन डॉलर—पिछले टूर्नामेंट से 297% ज्यादा। यह पैसा न सिर्फ खिलाड़ियों का, बल्कि महिला क्रिकेट को मजबूत करने का हथियार बनेगा। जैसे 1983 ने पुरुष क्रिकेट बदला, वैसे ही 2025 ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। यह जीत कहती है—सपने लिंग नहीं देखते, सिर्फ इच्छाशक्ति। बेटियों, अब तुम्हारी बारी है। तिरंगा ऊंचा रखना!







