नई दिल्ली। इंग्लैंड की हल्की ठंडी हवा, लंदन की सुबह का सन्नाटा और लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में एक अकेला खिलाड़ी नेट्स में पसीना बहाता हुआ. ये किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि विराट कोहली की असली जंग का प्री-प्रोडक्शन था .वो जंग, जिसने बाद में रांची और रायपुर में लगातार दो शतक के धमाके कराए. जिन शॉट्स पर विराट ने इंग्लैंड में घंटों काम किया उसको इंडिया में गजब तरीके से इस्तेमाल किया
लोगों को लगा था कि विराट का समय ढल चुका है, गंभीर की टिप्पणियाँ अक्सर सुर्खियाँ बनती रहीं, लेकिन कोहली ने जवाब मैदान में देने की ठानी. दिनभर की थकान, हजारों पाउंड खर्च करके लॉर्ड्स में बुक किए गए प्रैक्टिस स्लॉट, खुद अरेंज किए नेट बॉलर और भारतीय परिस्थितियों जैसी पिच बनवाकर घंटों तक चलने वाले सेशन वो सब किसी को बताने के लिए नहीं, अपने अंदर की आग को फिर से भड़काने के लिए था. विराट को तैयार करने में उनके बचपन के कोच राजकुमार जी के वीडियो कॉल पर बतचीत ने भी गहरा काम किया.
लॉर्ड्स में बनी रणनीति
लॉर्ड्स की धूप में जैसे पसीने में भीगते कोहली की आँखों में सिर्फ एक ही चीज़ थी, वो पुराना वाला विराट, जो गेंदबाज़ को देखकर मुस्कुराता था और अगली ही गेंद पर उसकी बरबादी लिख देता था. इंग्लैंड की मिट्टी में उन्होंने अपने स्टांस को ट्यून किया, बैकफुट गेम को तेज किया, और मानसिक संतुलन को इतना धारदार कि अपने आलोचकों की आवाजें भी ‘म्यूट मोड’ में चली गईं. जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची और रायपुर में उन्होंने लगातार शतक ठोके तो लगा जैसे महीनों की मेहनत, तड़प, और भीतर की भूख एक साथ फटकर बाहर आई हो. हर चौके में गुस्सा, हर रन में जुनून और हर शतक में वो मुस्कान मानो कह रही हो, अब बोलो और किसे जवाब चाहिए. यह सिर्फ रन नहीं थे, यह विराट का ‘कमबैक मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस’ था लॉर्ड्स से शुरू होकर मैदान पर खत्म होने वाली एक ऐसी कहानी, जो बताती है कि चैंपियन पैदा नहीं होते बल्कि वो खुद को गढ़ते हैं, बार-बार.
हर प्रैक्टिस सेशन में हजारों खर्च
विराट कोहली ने भारत आने से पहले कई सेशन लॉर्ड्स के मैदान पर किए जिसका पूरा खर्चा उन्होंने खुद उठाया. लॉर्ड्स जो एमसीसी के अंडर में आता है वहां वैसे भी किसी आम इंसान को अभ्यास करने की इजाजत नहीं है हां कोई इसका सदस्य आपको बतौर गेस्ट लाकर प्रैक्टिस करवा सकता है. विराट ने ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद अपना एक शेड्यूल बनाया और फिर नेट्स को रेंट पर लेकर लोकल गेंदबाजों को हायर करके घंटों अभ्यास किया. सूत्रों की मानें तो हर हफ्ते विराट 900 पाउंड प्रैक्टिस पर खर्च करते थे यानि लगभग एक लाख रुपए. ये रकम विराट के लिए कुछ भी नहीं पर जिस शिद्दत के साथ वो अकेले तैयारी करते रहे उसका इतिहास के पन्नों में जरूर जिक्र होगा.







