नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति अब एक नए और आक्रामक चरण में प्रवेश कर चुकी है। वेनेजुएला में सफल सैन्य हस्तक्षेप और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, व्हाइट हाउस की नजरें अब दुनिया के पांच अन्य रणनीतिक ठिकानों पर हैं। ट्रंप का यह ‘ग्रैंड एक्सपेंशन प्लान’ ग्रीनलैंड के बर्फीले क्षेत्रों से लेकर ईरान के तेल समृद्ध रेगिस्तानों तक फैला हुआ है।
सैन्य शक्ति के बल पर वैश्विक सीमाओं को फिर से परिभाषित करने की यह कोशिश अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा रही है। ट्रंप के इन कदमों से संकेत मिलता है कि अमेरिका अब केवल कूटनीति नहीं, बल्कि सीधे नियंत्रण की नीति पर चल रहा है।
ग्रीनलैंड
वेनेजुएला के बाद ट्रंप की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रीनलैंड है। ट्रंप (US military action Greenland) ने इसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपरिहार्य घोषित कर दिया है। उनकी टीम द्वारा ग्रीनलैंड के नक्शे पर अमेरिकी झंडा लहराने की सोशल मीडिया पोस्ट ने डेनमार्क के साथ कूटनीतिक युद्ध छेड़ दिया है। हालांकि यह क्षेत्र डेनमार्क के अधीन है, लेकिन ट्रंप की ‘सुरक्षा चिंताओं’ वाली दलील संकेत दे रही है कि अमेरिका इसे खरीदने या सैन्य दबाव के जरिए अपने नियंत्रण में लेने के लिए कभी भी बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
कोलंबिया: कोकीन और ड्रग्स कार्टेल के बहाने हमले की तैयारी
ट्रंप ने कोलंबिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे ‘बीमार देश’ करार दिया है। उनका तर्क है कि वहां बन रही कोकीन अमेरिका की जड़ों को खोखला कर रही है। राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर तीखे जुबानी हमलों और मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, यह स्पष्ट है कि ट्रंप कोलंबिया में सैन्य अभियान शुरू करने का आधार तैयार कर चुके हैं। नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध के नाम पर अमेरिका इस दक्षिण अमेरिकी देश की सत्ता को अपने हिसाब से बदलना चाहता है।
क्यूबा: आर्थिक घेराबंदी और स्वतः पतन की रणनीति
क्यूबा के लिए ट्रंप की रणनीति ‘इंतजार करो और देखो’ की है। वेनेजुएला से मिलने वाले मुफ्त तेल की सप्लाई कटने के बाद क्यूबा पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ट्रंप (US Threat to Cuba) का मानना है कि सैन्य हस्तक्षेप की जरूरत के बिना ही क्यूबा खुद-ब-खुद बर्बाद हो जाएगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो अमेरिकी सेना वहां लोकतांत्रिक बहाली के नाम पर घुसने से परहेज नहीं करेगी। यह कैरिबियाई द्वीप अब ट्रंप की सीधी धमकी के साये में है।
मेक्सिको: ड्रग्स तस्करी और सीमा सुरक्षा पर सीधी कार्रवाई
मेक्सिको के साथ ट्रंप का रिश्ता हमेशा से तनावपूर्ण रहा है, लेकिन अब यह सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मेक्सिको के ड्रग्स कार्टेल ने अमेरिका में तस्करी नहीं रोकी, तो वॉशिंगटन इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानेगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी सेना मेक्सिको की सीमा पार कर कार्टेल के ठिकानों पर मिसाइल हमलों या सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे सकती है, जो उत्तरी अमेरिका की शांति के लिए बड़ा खतरा है।







