मुरार कंडारी
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकासात्मक कार्यों एवं सुशासन पर केंद्रित एक विचार गोष्ठी का आयोजन मुख्यमंत्री मीडिया समन्वयक श्री मदन मोहन सती द्वारा नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में किया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड प्रवासी परिषद के उपाध्यक्ष पूरन चन्द्र नैलवाल सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। विचार गोष्ठी में उत्तराखण्ड सरकार मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी ने बतौर वक्ता अपने विचार रखे।
प्रो. गोविन्द सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक विकास, स्टार्ट-अप्स, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।
श्रीमती नेहा जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास, विश्वास और सुशासन के नए मानदंड स्थापित किए हैं। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, प्रशासनिक सुधार, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार और वंचित वर्गों के कल्याण की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को निवेश-अनुकूल और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रगति हुई है।
वक्ताओं ने बताया कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान और विधिसम्मत शासन व्यवस्था के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है। शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन न करने वाले मदरसों पर कार्रवाई की गई है। इस अवसर पर समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी एवं धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को उत्तराखण्ड सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया।







