Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

रिन्यूबल एनर्जी पर निर्भर हो सकती है दिल्ली, शोध लेख में सामने आई प्रमुख बातें

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 4, 2022
in दिल्ली, विशेष
A A
renewable energy
27
SHARES
915
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

संजीव गुप्ता


नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी नामक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित एक लेख से इस बात की प्रबल संभावना जाहिर हुई है कि दिल्ली वर्ष 2050 तक जीवाश्म ईंधन से छुटकारा पाकर 100 प्रतिशत तक अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता का लक्ष्य हासिल कर सकती है। अपनी तरह के इस पहले शोध में दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय महानगर में 100 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा प्रणालियों की तकनीकी साध्यता और आर्थिक व्यवहार्यता के बारे में बात की गई है।

इन्हें भी पढ़े

cm rekha gupta

सीएम रेखा गुप्ता का निर्देश, दिल्ली में सरकारी शराब की दुकानों का होगा ऑडिट

April 13, 2026
अनादि समर

अनादि समर : छावा के बलिदान से जाग उठा हिन्दू

April 13, 2026
cm yogi

थारू आदिवास को मिला जमीन का अधिकार

April 12, 2026
Delhi Metro

दिल्ली मेट्रो की सेवाओं से कितने खुश हैं आप? DMRC शुरू करने जा रहा सर्वेक्षण

April 11, 2026
Load More

अध्ययन के मुताबिक बैटरी और उपयोगिता स्तर की सौर ऊर्जा से वर्ष 2050 तक दिल्ली की कुल बिजली मांग का ज्यादातर हिस्सा पूरा हो जाएगा और तब तक जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल भी चरणबद्ध ढंग से समाप्त कर दिया जाएगा। विचार के दायरे में ली गई ऊर्जा प्रणाली में ऊर्जा, ऊष्मा, परिवहन और अलवणीकरण के क्षेत्र भी शामिल हैं।

दिल्ली में जमीन की उपलब्धता सीमित होने की वजह से यह राज्य देश के उत्तरी क्षेत्रों मैं स्थित 8 राज्यों से बिजली हासिल करना जारी रखे हुए हैं। ऐसी अपेक्षा है कि यह राज्य जम्मू कश्मीर (लद्दाख सहित), हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ऑप्टिमाइज़्ड ट्रांसमिशन नेटवर्क (अनुकूलित संचरण नेटवर्क) से आपस में जुड़े हुए हैं।

जुलाई 2022 में दिल्ली में बिजली की मांग 7 गीगावाट तक पहुंच गई थी। उम्मीद है कि वर्ष 2020 में दिल्ली में बिजली की मांग जहां 2000 टेरावाट थी वह 2050 तक 4400 टेरावाट पहुंच जाएगी। आस-पास के राज्य कम लागत वाली अक्षय ऊर्जा के नए निर्यातक के रूप में उभरे हैं जो राज्यों को आर्थिक रूप से बढ़ावा दे सकते हैं और रोजगार भी पैदा कर सकते हैं।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हाल ही के एक ऐलान से ऐसे संकेत मिलते हैं कि वर्ष 2023 में कोयले के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जाएगी। हालांकि यह आदेश थर्मल पावर प्लांट पर लागू नहीं होगा। यह आदेश वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिया गया है। दिल्ली सरकार ने भी हाल ही में वर्ष 2030 तक देश की रूफटाप कैपिटल बनने और इस दिशा में 50 प्रतिशत सौर रूफटाप का लक्ष्य हासिल करने का इरादा जाहिर किया है।

इस अध्ययन के लेखकों में शामिल डा. मनीष राम कहते हैं, “ हमारा शोध बताता है कि सरकार को इस मामले में और ज्यादा महत्वाकांक्षी होना चाहिए। अक्षय ऊर्जा से जहां लागत कम होती है, वहीं ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है।

इसके अलावा पिछले करीब एक दशक से दिल्ली को जकड़े वायु प्रदूषण में भी गिरावट आती है और ज्यादा संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। यह रूपांतरणकारी बदलाव लाने का वक्त है और दिल्ली के पास उत्तर भारत में ऊर्जा रूपांतरण को गतिमान बनाने का बेहतरीन मौका है।”

पूर्व के अध्ययनों में नगरीय ऊर्जा प्रणालियों को बीजिंग, वैंकूवर, केपटाउन और हेलसिंकी जैसे महानगरों की प्रणाली के तौर पर देखा गया था लेकिन वे ज्यादा विस्तृत नहीं थी। नगरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और ऐसी उम्मीद है कि वर्ष 2050 तक दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी शहरों में बस जाएगी। यूएन हैबिटेट के मुताबिक दुनिया की कुल उत्पादित ऊर्जा का 78 प्रतिशत हिस्सा शहरों में खर्च होता है और यह शहर कुल उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैसों के 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से के लिए जिम्मेदार होते हैं।

सी 40 की क्षेत्रीय निदेशक श्रुति नारायण ने कहा, “शहर पहले से ही जलवायु परिवर्तन के भीषण प्रभावों का सामना कर रहे हैं। बढ़ते नगरीय विकास और संसाधनों के मोर्चे पर व्याप्त चुनौतियों को देखते हुए शहरों में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को सबसे आगे रखना होगा। आंकड़ों पर आधारित जलवायु संबंधी कार्य योजनाएं नगरों को एक रणनीतिक आधार देती हैं, जिनसे वे दीर्घकालिक आर्थिक और नगरीय योजना में जलवायु संबंधी कार्रवाई को समग्र रूप से मुख्यधारा में ला सकें।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

छत्रपति संभाजी महाराज का जीवन और समय

May 16, 2025
Shri Bikram Ghosh

श्री बिक्रम घोष ने वेकोलि के निदेशक (कार्मिक) का पदभार ग्रहण किया!

August 3, 2024
Tejashwi and Nitish

बिहार चुनाव 2025: पहला चरण ही तय करेगा तेज, तेजस्वी और नीतीश के दो डिप्टी की किस्मत !

November 3, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सीएम रेखा गुप्ता का निर्देश, दिल्ली में सरकारी शराब की दुकानों का होगा ऑडिट
  • शांतिवार्ता फेल होते ही पाकिस्तान हुआ बर्बाद!
  • कैसे-कब और क्यों शुरू हुआ नोएडा का मजदूर आंदोलन?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.