नई दिल्ली: अगर कहा जाए कि मोरिंगा इस धरती पर सबसे शक्तिशाली पौष्टिक तत्वों में से एक है तो कोई हैरानी की बात नहीं. इसलिए इसे पौष्टिकता का सुपर बाप कहा जाता है. इसका प्रमाण आपको इस बात से मिल जाएगा कि कर्नाटक में कुपोषण को मिटाने के लिए छोटे पैमाने पर एक प्रोग्राम चला था.
इसके तहत वहां बांटे जा रहे आटे में मोरिंगा पाउडर मिला दिया जाता है. अब उसे बंद कर दिया गया. बंद करने के बाद अध्ययन में पाया गया के वहां के बच्चों की कुपोषण के कारण मौत हो रही है. हालांकि इसका कारण मोरिंगा छोड़ देना भर था या कुछ और इसकी वैज्ञानिक पुष्टि होनी बाकी है लेकिन मोरिंग वास्तव में भोजन का हीरा है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
मोरिंगा में मौजूद पौष्टिक तत्व
मेडिकल न्यूज टूडे के मुताबिक मोरिंगा में विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, विटामिन बी 3, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम,फॉस्फोरस जैसे कई तत्व होते हैं. इसकी सुपर पौष्टिकता का आलम यह है कि मोरिंगा में संतरे की तुलना में 7 गुना ज्यादा विटामिन सी होता है, दूध से चार गुना ज्यादा कैल्शियम, केले से 3 गुना ज्यादा पोटैशियम और छाछ से दो गुना ज्यादा प्रोटीन होता है.
मोरिंगा के फायदे
इम्यूनिटी बूस्ट- मोरिंगा में विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स होता है. एंटीऑक्सीडेंट्स का मतलब है कि ये बीमारियों के खतरे को बढ़ाने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं. अगर फ्री रेडिकल्स कम होंगे तो इम्यून सिस्टम मज़बूत होगा. जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित अध्ययनों के मुताबिक मोरिंगा में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो इसे एक प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर बनाते हैं.
ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद- डॉक्टर भी अक्सर मोरिंगा पाउडर डायबिटीज़ के मरीजों को लेने की सलाह देते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक मोरिंगा फास्टिंग ब्लड शुगर कम करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मदद कर सकता है. इसका नियमित सेवन ग्लूकोज़ के अचानक बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है.
हार्ट के लिए फायदेमंद- हाई कोलेस्टॉल हार्ट डिजीज का एक बड़ा कारण है. मोरिंगा पाउडर में आइसोथायोसायनेट्स नामक कंपाउड होते हैं, जो LDL यानी धमनियों में चिपकने वाले गंदे कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. डब्ल्यूएचओ भी हार्ट के लिए इसे बेहतर माना है.
डाइजेशन का रामबाण-अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो मोरिंगा पाउडर मददगार हो सकता है. इसमें फाइबर भरपूर होता है, जो डाइजेशन को मजबूत करताहै और आंतों की सेहत को सपोर्ट करता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट के अल्सर को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं.
स्किन के लिए डायमंड- स्किन को चमकाने में मोरिंगा का जवाब नहीं. इससे आपकी त्वचा दमकने लगेगी. मोरिंगा पाउडर में विटामिन ए, ई और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो फाइन लाइन्स, झुर्रियों और मुहांसों को कम करने में मदद करते हैं. इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक मोरिंगा त्वचा को प्रदूषण और अल्ट्रावायलेट किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में सक्षम है.
बालों की मजबूती- मोरिंगा पाउडर में मौजूद प्रोटीन, आयरन और जिंक बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं और हेयर फॉलिकल्स को मज़बूत करते हैं. नियमित सेवन या मोरिंगा ऑयल के साथ बाहरी उपयोग से डैंड्रफ और रूखापन कम हो सकता है.
वज़न घटाने में सहायक- मोरिंगा पाउडर कम कैलोरी लेकिन अधिक पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह मेटाबॉलिज़्म को तेज़ करता है, फैट बर्न करने में मदद करता है और क्रेविंग्स यानी भूख के अहसास को कम करता है. पानी या स्मूदी में मिलाकर पीना वज़न घटाने की प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकता है.
हड्डियों की मज़बूती- मोरिंगा पाउडर में कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है, जो हड्डियों को मज़बूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करती है.
शरीर को डिटॉक्स करता है- मोरिंगा एक प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर की तरह काम करता है. इसमें मौजूद क्लोरोफिल और एंटीऑक्सिडेंट्स लिवर को साफ़ करने और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करते हैं. एक अध्ययन के अनुसार, कुपोषित समुदायों में मोरिंगा का उपयोग डिटॉक्सिफिकेशन और एनर्जी बढ़ाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है. इसी उद्येश्य के लिए कर्नाटक में इस प्रोग्राम को लाया गया था.
मोरिंगा पाउडर का इस्तेमाल कैसे करें
एक चम्मच मोरिंगा पाउडर को गुनगुने पानी और नींबू के साथ सुबह डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में ले सकते हैं. वहीं इसे 1 चम्मच स्मूदी, सूप या जूस में मिलाकर भी पी सकते हैं. आप सलाद या सब्ज़ी पर भी इसे छिड़ककर खा सकते हैं. हालांकि पूरे दिन में 5 से 10 ग्राम ही मोरिंगा पाउडर लेना चाहिए. इससे ज्यादा नहीं है.






