Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारत ने बना ली स्वदेशी कैंसर वैक्सीन, मरीजों के लिए जल्द होगी उपलब्ध

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 20, 2026
in राष्ट्रीय, स्वास्थ्य
A A
cancer vaccine
14
SHARES
477
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। हर दिन, भारत और दुनिया भर में कई लोग कैंसर के कारण अपनी जान गवां देते हैं. कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, और इसका नाम सुनते ही रूह कांप जाती है. लेकिन अब कैंसर से डरने की जरूरत नहीं है. भारत में कैंसर की एक वैक्सीन बन गई है. जिसे 2026 तक मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है. यह जानकारी दातार कैंसर जेनेटिक्स के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. प्रशांत कुमार ने शिरडी में मीडिया से बातचीत के दौरान दी है.

डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि भारत कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है, और उन्हें उम्मीद है कि देश में बनी कैंसर वैक्सीन 2026 तक मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएगी. उन्होंने अपने परिवार के साथ शिरडी में साईं बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए ये बातें कहीं. डॉ. प्रशांत कुमार ने आगे कहा कि वे अभी कैंसर के लिए एक पर्सनलाइज्ड, सेल-लाइसेट-बेस्ड और एलोजेनिक वैक्सीन पर काम कर रहे हैं. यह वैक्सीन अभी प्री-क्लिनिकल स्टेज में है. सेल लाइन्स और जानवरों पर टेस्ट पूरे हो चुके हैं, और वे जल्द ही फेज 1 क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेंगे. अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इससे न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया भर में लाखों लोगों को फायदा हो सकता है.

इन्हें भी पढ़े

Tax

आज से नया टैक्‍स कानून, बदल जाएंगे HRA समेत ये 10 नियम!

April 1, 2026
crude oil

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, फिर डीजल बिकता 193 रुपये लीटर, जानिए सस्ता क्यों?

April 1, 2026
RSS

संघ की वैचारिक यात्रा का ऐतिहासिक दस्तावेज ‘आरएसएस @100’

April 1, 2026
toll plazas

एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स

March 29, 2026
Load More

कैंसर पर और रिसर्च की जरूरत है

कैंसर के बारे में बताते हुए डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि HIV और मलेरिया जैसी बीमारियां बाहरी कारणों से होती हैं, जबकि कैंसर शरीर के अंदर ही पैदा होता है. कैंसर कोई छूत की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर की नॉर्मल सेल्स में बदलाव के कारण होती है. उन्होंने आगे कहा कि इतनी एडवांस्ड रिसर्च के बावजूद, कैंसर के बारे में हमारी समझ सिर्फ 30 प्रतिशत है. बाकी 70 प्रतिशत अभी भी अनजान है. इसलिए, इस बीमारी पर और रिसर्च की जरूरत है. उन्होंने कहा कि क्योंकि हर देश का जीनोम अलग होता है, इसलिए कैंसर का इलाज भी हर देश में अलग-अलग होना चाहिए. यह तुलना करने के बजाय कि कौन सी वैक्सीन सबसे अच्छी है, असली सफलता तब होगी जब कोई वैक्सीन असरदार, सुरक्षित, सस्ती हो और मरीज तक आसानी से पहुंच सके. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सस्ता होना और आसानी से मिलना हमारे मुख्य लक्ष्य हैं.

समय के साथ और भी एडवांस्ड होता जा रहा है कैंसर का इलाज

कैंसर के इलाज के बारे में जानकारी देते हुए, डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पहले, जब कैंसर की बात होती थी, तो सिर्फ कीमोथेरेपी ही दिमाग में आती थी. फिर, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और कीमो-रेडियोथेरेपी का इस्तेमाल बढ़ा. बाद में, DNA में म्यूटेशन की पहचान करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग (NGS) टेक्नोलॉजी आई, जिससे टारगेटेड थेरेपी संभव हुई. आज, कैंसर का इलाज इम्यूनोथेरेपी के अगले स्टेज तक पहुंच गया है. इम्यूनोथेरेपी में, शरीर का इम्यून सिस्टम एक्टिवेट होता है, और T-सेल्स कैंसर सेल्स पर हमला करते हैं. इसका अगला स्टेज एडवांस्ड इम्यूनोथेरेपी है. इसमें CAR T-सेल थेरेपी, ट्यूमर-इनफिल्ट्रेटिंग लिम्फोसाइट्स और कैंसर वैक्सीन शामिल हैं.

देर से पहचान एक बड़ी समस्या

डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में कैंसर के मरीज कम होने के बावजूद, यहां मृत्यु दर ज्यादा है. उन्होंने आगे कहा कि पश्चिमी देशों में कैंसर के मरीजों की संख्या दो या तीन गुना ज्यादा हो सकती है, लेकिन उन्हें समय पर स्क्रीनिंग का फायदा मिलता है. भारत में मरीज अक्सर इलाज के लिए तब आते हैं जब कैंसर मेटास्टेटिक स्टेज में पहुंच चुका होता है. इससे इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है. भारत में हर साल लगभग 10 लाख नए कैंसर के मामले सामने आते हैं. हमारी 1.4 अरब की आबादी को देखते हुए यह संख्या शायद कम लगे, लेकिन मृत्यु दर चिंताजनक है. इसलिए, हर राज्य, जिले और गांव में कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग प्रोग्राम लागू करना जरूरी है.

स्मोकिंग से ही हो सकते हैं 17 प्रकार के कैंसर

कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी के कारणों पर कमेंट करते हुए उन्होंने कहा कि तंबाकू, स्मोकिंग और शराब कैंसर के मुख्य कारण हैं. सिर्फ स्मोकिंग से ही 17 तरह के कैंसर हो सकते हैं. शराब भी उतनी ही खतरनाक है. उन्होंने बताया कि बढ़ता प्रदूषण, खासकर शहरों में हवा का प्रदूषण, फेफड़ों के कैंसर का कारण बन रहा है. आज दिल्ली जैसे शहरों में स्वस्थ फेफड़े मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण, फास्ट फूड और रेड मीट का ज्यादा सेवन, व्यायाम की कमी, और खेती में कीटनाशकों का ज्यादा इस्तेमाल, ये सभी ऐसे कारण हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं.

लिक्विड बायोप्सी जैसे मॉडर्न तरीके भी हैं उपलब्ध

कैंसर के जल्दी पता लगने के महत्व पर जोर देते हुए, डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आज न सिर्फ सर्जरी-आधारित बायोप्सी, बल्कि लिक्विड बायोप्सी जैसे मॉडर्न तरीके भी उपलब्ध हैं. अब खून, लार या यूरिन के सैंपल से भी कैंसर का पता लगाया जा सकता है. ब्रेस्ट कैंसर के लिए मैमोग्राफी, प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSA टेस्टिंग और दूसरे तरह के कैंसर के लिए कई दूसरे बायोमार्कर उपलब्ध हैं. कैंसर वैक्सीन के बारे में उन्होंने बताया कि ये दो तरह की होती हैं: बचाव वाली और इलाज वाली. सर्वाइकल कैंसर के लिए HPV वैक्सीन एक बचाव वाली वैक्सीन है. हालांकि, जिस वैक्सीन पर वे काम कर रहे हैं, वह इलाज वाली वैक्सीन है. यह वैक्सीन हर कैंसर मरीज के लिए खास तौर पर बनाई जा रही है.

कैंसर की वैक्सीन मरीजों तक जल्द पहुंचेगी

डॉ. प्रशांत कुमार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी डेटा जमा कर दिया गया है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे जल्द ही CDSCO से मंजूरी मिल जाएगी. रिसर्च के लिए ICMR से ग्रांट मिलने की भी संभावना है. आखिर में, डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई सिर्फ डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है. सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव, रेगुलर चेक-अप, प्रदूषण कंट्रोल और रिसर्च को सपोर्ट करके ही हम कैंसर-मुक्त भारत की ओर बढ़ सकते हैं. डॉ. प्रशांत कुमार ने यह भी कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत की स्वदेशी कैंसर वैक्सीन 2026 तक असली मरीजों तक पहुंच जाएगी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
RSS

राष्ट्रीय संकट के समय राजपथ से संघ ने दिया एकजुटता का संदेश

January 25, 2026
ram mandir

चंद घंटों में खत्म हो जाएगा 500 वर्षों का इंतजार

January 21, 2024

वेकोलि में मनाया गया बेसिक सुरक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का ‘दीक्षांत समारोह’

April 30, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना
  • हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी
  • अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, जानिए वजह

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.