प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
उत्तराखंड(कोटद्वार ): मामला उत्तराखंड के कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल जिला) का है, जो हाल ही में (जनवरी-फरवरी ) वायरल हुआ। ध्यान दें कि यह कोई बड़ा दंगा या बवाल नहीं था, बल्कि एक दुकान के नाम को लेकर हुआ तनाव था, जिसमें हिंदू युवक दीपक कुमार ने बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का साथ दिया। सुर्खी में आई लाइनें (“हिंदू युवक ने मुस्लिम बनकर रोका बवाल”) काफी सनसनीखेज हैं, लेकिन हकीकत में दीपक कुमार ने धर्म परिवर्तन नहीं किया—उन्होंने सिर्फ भीड़ से बहस के दौरान खुद को “मोहम्मद दीपक” कहकर धार्मिक पहचान की राजनीति पर सवाल उठाया।
घटना की शुरुआत दुकानदार
70-75 साल के मुस्लिम बुजुर्ग वकील अहमद (या शोएब अहमद/वकील अहमद) पटेल मार्ग पर “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” (या बाबा कलेक्शन/बाबा ड्रेस) नाम से 30 साल से दुकान चला रहे थे।बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि “बाबा” शब्द सिर्फ हिंदू संतों (जैसे कोटद्वार के प्रसिद्ध सिद्धबली बाबा हनुमान मंदिर) के लिए है। मुस्लिम दुकानदार इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने नाम बदलने की मांग की और धमकी दी कि दुकान बंद हो सकती है।
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की घटना
बजरंग दल के 3-8 कार्यकर्ता दुकान पर पहुंचे, दुकानदार से बहस की और नाम बदलने का दबाव बनाया। दीपक कुमार (46 साल, जिम ट्रेनर/मालिक, हिंदू, असली नाम दीपक कुमार कश्यप) वहां मौजूद थे (या पास के जिम से आए)। उन्होंने बुजुर्ग दुकानदार का साथ दिया और कार्यकर्ताओं से कहा कि दुकान 30 साल से चल रही है, नाम से क्या फर्क पड़ता है।
जब कार्यकर्ताओं ने उनका नाम पूछा, तो दीपक ने जवाब दिया “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है, क्या समस्या है?” यह उन्होंने इसलिए कहा क्योंकि वे मानते हैं कि इंसान की पहचान धर्म से नहीं, इंसानियत से होती है। उन्होंने बाद में कहा, “मैं न हिंदू हूं न मुसलमान, मैं इंसान हूं।” यह वीडियो वायरल हुआ, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया। दुकानदार ने नाम बदलने का आश्वासन दिया, लेकिन तनाव बना रहा।
बाद में क्या हुआ (31 जनवरी-1 फरवरी )
देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश से बजरंग दल के 40-150 कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने दीपक के जिम के बाहर NH पर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की (“गद्दार”, आदि), परिवार को अपशब्द कहे और धमकियां दीं। दीपक ने आरोप लगाया कि “वे हथियारों से लैस थे और मारपीट की कोशिश की। पुलिस ने बीच-बचाव किया, भीड़ हटाई और दीपक को सुरक्षा के लिए थाने ले गई। कोई बड़ी मारपीट नहीं हुई, लेकिन माहौल तनावपूर्ण रहा।
पुलिस कार्रवाई और FIR
दुकानदार की शिकायत पर दो नामजद (गौरव कश्यप, शक्ति सिंह गोंसाई) और अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकी, दबाव और अवैध अतिक्रमण के तहत FIR। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शांति भंग और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की FIR। लेकिन बजरंग दल की शिकायत पर दीपक कुमार और एक अन्य (विजय रावत) के खिलाफ भी FIR दर्ज हुई (शांति भंग, हाथापाई आदि के आरोप में)। दीपक ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच शांति बैठक कराई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुकान का नाम “बाबा” ही रहेगा और बजरंग दल अब विरोध नहीं करेगा।
राहुल गांधी ने “देश का हीरो” बताया
राहुल गांधी ने दीपक को “देश का हीरो” कहा।
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं – उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार… pic.twitter.com/c1D4VHV5XO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
असदुद्दीन ओवैसी ने सलाम किया।
AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कोटद्वार के दीपक कुमार का समर्थन किया
◆ कहा, "दीपक कुमार जैसे हिंदू अगर आगे आ गए तो देश से बीजेपी-RSS की सरकार खत्म हो जाएगी"@asadowaisi | #AsaduddinOwaisi | Asaduddin Owaisi | Deepak Kumar pic.twitter.com/XRMfOLIfoM
— News24 (@news24tvchannel) February 3, 2026
दीपक अब धमकियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन कहते हैं कि “वे इंसानियत के लिए डटे रहेंगे। विवाद रुद्रपुर तक फैला, जहां एक अन्य जिम मालिक ने उनका साथ दिया तो वहां भी विरोध हुआ। हालांकि यह कोई धर्मांतरण या बड़ा दंगा रोकने की कहानी नहीं—बल्कि धार्मिक नाम पर हुए तनाव में एक व्यक्ति ने इंसानियत दिखाई, जिसके लिए उसे धमकियां और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। स्थिति अब नियंत्रण में है।







