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Home दिल्ली

दिल्ली हादसे ने दिखाई भारत में सड़क सुरक्षा की हकीकत!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 20, 2026
in दिल्ली
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accident
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नई दिल्ली : दिल्ली के द्वारका में हुए हालिया सड़क हादसे में 23 वर्षीय साहिल धननेश्रा की मौत ने एक बार फिर भारत की सड़क सुरक्षा की गंभीर सच्चाई को सामने ला दिया है। तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से जान गंवाने वाले साहिल की कहानी कोई अपवाद नहीं। बल्कि उन हजारों हादसों की झलक है जो देश की सड़कों पर रोज घटते हैं, लेकिन लंबे समय तक चर्चा में नहीं रहते।

क्या दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा जोखिम में हैं?

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  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सबसे ज्यादा हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े होते हैं.
  • 2024 में दोपहिया वाहन 2.31 लाख सड़क दुर्घटनाओं में शामिल रहे.
  • इसी अवधि में कार, टैक्सी और वैन से जुड़े हादसे 67,988 रहे.
  • पैदल यात्रियों से जुड़े हादसों की संख्या 94,780 दर्ज की गई.
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 12 फरवरी, 2026 को लोकसभा में ये आंकड़े पेश किए, जो एक बहुत कड़वी हकीकत को बयां करते हैं.

दोपहिया वाहन इतने ज्यादा क्यों हैं सड़कों पर?

  • भारत में दोपहिया वाहन सबसे सुलभ और किफायती परिवहन साधन हैं.
  • शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में लाखों लोग रोजमर्रा की आवाजाही के लिए बाइक और स्कूटर पर निर्भर हैं.
  • देश में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 25 करोड़ से अधिक है.
  • इनमें लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है.

दोपहिया सवार ज्यादा असुरक्षित क्यों होते हैं?

  • कारों की तरह दोपहिया वाहनों में सुरक्षा कवच नहीं होता.
  • टक्कर की स्थिति में सवार सीधे प्रभाव की चपेट में आ जाते हैं.
  • हल्का सा हादसा भी गंभीर चोट या मौत का कारण बन सकता है.
  • यही वजह है कि दुर्घटनाओं में दोपहिया सवारों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है.

क्या तेज रफ्तार सबसे बड़ी वजह है?

  • द्वारका हादसे की शुरुआती जांच में एसयूवी की तेज रफ्तार सामने आई.
  • राष्ट्रीय स्तर पर ओवरस्पीडिंग सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण है.
  • 2023 में ओवरस्पीडिंग से 2.84 लाख दुर्घटनाएं हुईं.
  • खतरनाक ड्राइविंग और गलत ओवरटेकिंग से जुड़े हादसे 1.1 लाख रहे.
  • मौसम, जानवरों के अचानक सड़क पर आने, तकनीकी खराबी या थकान जैसे कारण तुलनात्मक रूप से बहुत कम रहे.

हादसों में मौत का आंकड़ा कितना गंभीर है?

  • 2023 में सड़क हादसों में हुई कुल मौतों में 44.8 प्रतिशत दोपहिया सवार थे.
  • यानी हर दो में से एक मृतक बाइक या स्कूटर चला रहा था.
  • पैदल यात्रियों की हिस्सेदारी 20.4 प्रतिशत रही.
  • कार सवारों की मौतों का अनुपात 12.4 प्रतिशत रहा.
  • भारत की सड़क सुरक्षा समस्या किस पर सबसे ज्यादा भारी पड़ रही है?.
  • आंकड़े साफ दिखाते हैं कि सड़क सुरक्षा का संकट सभी पर समान नहीं है.
  • दोपहिया सवार और पैदल यात्री सबसे ज्यादा असुरक्षित वर्ग हैं.
  • तेज रफ्तार, कमजोर प्रवर्तन, सड़क डिजाइन और ड्राइविंग व्यवहार मिलकर खतरा बढ़ाते हैं.

यह बनी राष्ट्रीय समस्या?

  • द्वारका हादसा कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय समस्या का संकेत है.
  • जब तक दोपहिया सवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, सड़क मौतों का आंकड़ा घटाना मुश्किल रहेगा.
  • भारत की सड़क सुरक्षा नीति को सबसे पहले सबसे कमजोर वर्गों पर केंद्रित करना होगा.

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