नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिणी रिज की करीब 1000 एकड़ (400 हेक्टेयर) अतिरिक्त भूमि को आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने को स्वीकृति दी है। दिल्ली में अधिसूचित रिज क्षेत्र अब करीब 13 हजार एकड़ (5250 हेक्टेयर) हो जाएगा। दिल्ली के जंगल प्राकृतिक विरासत होने के साथ हरित सुरक्षा कवच भी हैं। इससे स्वच्छ हवा, जैव विविधता, तापमान संतुलन और पर्यावरणीय सुरक्षा होती है। उन्होंने कहा कि रिज के क्षेत्रों की अंतिम अधिसूचना की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, जिस पर तेजी से काम जारी है। अरावली पर्वत के विस्तार के रूप में रिज राजधानी के प्राकृतिक हरित क्षेत्रों में शामिल है।
दक्षिणी रिज अरावली की उत्तरी छोर की कड़ी है। इसे ‘ग्रीन लंग’ और कार्बन सिंक के रूप में भी महत्व दिया जाता है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि रिज संरक्षण की प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। दिल्ली रिज के अन्य पात्र क्षेत्रों को भी आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की वैधानिक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से अधिक से अधिक रिज क्षेत्र को स्थायी संरक्षण के दायरे में लाया जाएगा।
प्रदूषण हॉटस्पॉट की होगी निगरानी
दिल्ली में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों के अधिकारियों, विधायकों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें एक्यूआई मॉनिटरिंग के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और मैपिंग करने के निर्देश दिए गए।







