नई दिल्ली। होलाष्टक के 8 दिनों में प्रत्येक दिन कोई एक ग्रह उग्र अवस्था में होता है। 24 फरवरी से होलाष्टक प्रारंभ हो गया है, जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से शुरू होकर 3 मार्च तक फाल्गुन पूर्णिमा तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार होलाष्टक के आठ दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अनुकूल नहीं माने जाते। 27 फरवरी को होलाष्टक के चौथे दिन शुक्र ग्रह उग्र रहेंगे, जिससे अनपेक्षित परेशानियों का सामना हो सकता है। लेकिन सरल उपाय अपनाकर इनकी उग्र ऊर्जा को शांत किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं इस दिन शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए क्या करना चाहिए।
होलाष्टक चौथा दिन
होलाष्टक के चौथे दिन फाल्गुन शुक्ल एकादशी होती है, जिसे आंवला एकादशी या रंभगिरी एकादशी भी कहते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस दिन शुक्र ग्रह उग्र होते हैं। शुक्र ग्रह सौंदर्य, प्रेम, वैभव और विलासिता का कारक माना जाता है। उनकी उग्रता वैवाहिक जीवन में कलह, व्यवसाय में रुकावट और धन की कमी जैसी परेशानियां लाती है।
शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभाव
शुक्र की उग्रता से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं:-
- वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाह में देरी
- व्यवसाय और नौकरी में विकास रुकना
- धन का आसानी से खर्च होना और बचत में कमी
- विलासिता और ऐश्वर्य से जुड़ी चीजों की कमी
शुक्र ग्रह को प्रबल करने के उपाय
- शुक्रवार का व्रत रखें: शुक्रवार को उपवास रखने से शुक्र ग्रह की ऊर्जा संतुलित होती है। यह उपाय वैवाहिक जीवन, प्रेम और आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है।
- दान और भक्ति करें: शुक्रवार को दही, खीर, ज्वार, इत्र, रंग-बिरंगे कपड़े, चांदी या चावल जैसे वस्त्र और सामग्री दान करें। इससे शुक्र ग्रह प्रसन्न होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
- रंगों का सही उपयोग करें: सफेद और गुलाबी रंग का अधिक प्रयोग करना शुभ माना जाता है। ये रंग मानसिक शांति और सौंदर्य, प्रेम संबंधी ऊर्जा बढ़ाते हैं।
- मां लक्ष्मी और मां जगदंबा की पूजा: घर में माता लक्ष्मी या मां जगदंबा की नियमित पूजा से शुक्र ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा मजबूत होती है। इससे धन, वैभव और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।
- चांदी की सामग्री का पूजन: चांदी की बांसुरी, अन्य चांदी की वस्तुएं या लक्ष्मी जी की मूर्ति का पूजन करने से शुक्र ग्रह की कृपा मिलती है। यह उपाय वैवाहिक जीवन और भौतिक सुखों को बेहतर बनाता है।
- रत्नों का पहनना: हीरा या अन्य ज्योतिषीय रत्न पहनने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है। इसे हमेशा किसी जानकार से सलाह लेकर पहनना चाहिए, ताकि इसका लाभ सुरक्षित रूप से मिले।
- शुक्र बीज मंत्र का जाप: मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का 108 बार जाप करने से शुक्र ग्रह की उग्रता शांत होती है। यह उपाय प्रेम, सौंदर्य और धन से संबंधित जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
- श्री सूक्त का पाठ: नियमित रूप से श्री सूक्त का पाठ करना भी शुक्र ग्रह को मजबूत करता है। इससे घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।






