नई दिल्ली। फेमस फिल्म फ्रैंचाइज की तीसरी किश्त ‘हेरा फेरी 3’ को लेकर असमंजस बना हुआ है। कुछ दिनों पहले Paresh Rawal ने साफ कहा है कि उनके किरदार बाबूराव के बिना यह फिल्म असफल साबित होगी। पहले उनके प्रोजेक्ट से अलग होने और फिर दोबारा जुड़ने को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि अब मुख्य अड़चन कानूनी बताई जा रही है। जिसको लेकर ये भी कहा जा रहा है कि अब फिल्म के रिलीज में खासी मुश्किल आ सकती है।
फ्रैंचाइज राइट्स पर कानूनी जंग
डायरेक्टर Priyadarshan के अनुसार, फिल्म फ्रैंचाइज और म्यूजिक राइट्स के विवाद में उलझी है। मेकर जीपी विजयकुमार ने मद्रास हाई कोर्ट में दावा किया है कि ‘हेरा फेरी’ के अधिकार उनके पास हैं। Firoz Nadiadwala के पास नहीं हैं। विजयकुमार का कहना है कि उन्होंने 2022 में कानूनी तौर पर सभी अधिकार खरीद लिए थे, इसलिए तीसरे पार्ट पर उन्हीं का हक बनता है।
राइट्स को लेकर उलझन
साल 2000 में आई Hera Pheri मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ का आधिकारिक रीमेक थी। बाद में 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ बना। अब सवाल यह है कि क्या मूल अधिकार सिर्फ पहली फिल्म तक सीमित थे। इसी मुद्दे पर कोर्ट में लंबी सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।
म्यूजिक राइट्स पर भी विवाद
फिल्म के गानों के अधिकारों को लेकर भी पेच फंसा है। T-Series ने म्यूजिक राइट्स पर दावा करते हुए कानूनी नोटिस भेजा था। यह मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है, जिससे प्रोजेक्ट की राह और कठिन हो गई है। बताया गया कि Akshay Kumar की कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को तीसरे पार्ट के अधिकार बेचे गए थे। हालांकि विजयकुमार का तर्क है कि जब मूल अधिकार ही विवादित हैं, तो आगे बिक्री कैसे संभव है?
अब आगे क्या?
प्रियदर्शन का कहना है कि कानूनी लड़ाई लंबी चल सकती है और इस साल शूटिंग शुरू होना मुश्किल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ‘हेरा फेरी 3’ के बाद वह निर्देशन से संन्यास ले सकते हैं। फिलहाल दर्शकों को अपने पसंदीदा कॉमिक ट्रायो की वापसी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।







