नई दिल्ली। भारत का स्मार्टफोन मार्केट इस साल के पहले तीन महीनों में जबरदस्त गिरावट झेल रहा है। जनवरी से मार्च तक देश में 56 स्मार्टफोन और उनके 128 वेरिएंट्स लॉन्च हुए जो पिछले साल से 16.7 फीसदी अधिक हैं। इसके बावजूद भारतीय ग्राहक नया फोन खरीदने से कतरा रहे हैं। इसकी तीन प्रमुख वजहें सामने आ रही हैं। पहला- एवरेज सेलिंग प्राइस। टिप्सटर- उत्सव का कहना है कि देश में स्मार्टफोन की एवरेज कीमत 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है। दूसरी वजह- प्राथमिकता है। महंगाई के कारण लोगों की प्राथमिकता में अब नया स्मार्टफोन खरीदना नहीं है। एक रिपोर्ट में इसका तीसरा कारण- नाकाम EMI मॉडल को भी बताया गया है।
बढ़ गए एवरेज लॉन्च प्राइस
टेक टिप्सटर ‘उत्सव टेकी’ ने एक पोस्ट (REF.) में बताया है कि भारत में इस साल की पहली तिमाही में जनवरी से मार्च 2026 के बीच 56 स्मार्टफोन लॉन्च किए गए। 16 ब्रैंड्स ने कुल 128 वेरिएंट्स मार्केट में उतारे जो पिछले साल के मुकाबले 16.7% अधिक है। उत्सव का कहना है कि देश में एवरेज स्मार्टफोन लॉन्च प्राइस अब 39,200 रुपये हो गया है। यानी एवरेज लॉन्च प्राइस में बढ़ाेतरी हुई है। इसके अलावा, सभी प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों ने अपने पुराने मॉडलों की कीमत भी बढ़ाई है। नए और पुराने मॉडलों की बढ़ी हुई कीमतों के कारण लोग स्मार्टफोन्स खरीदने से झिझक सकते हैं।
युद्ध के माहौल में बदली प्राथमिकता
लाइव मिंट की रिपोर्ट (REF.) बताती है कि भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी गिरकर 28 मिलियन यूनिट रह गई। साल 2020 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी साल की शुरुआत में स्मार्टफोन मूल्य (value) और वॉल्यूम (volume) दोनों में एक साथ गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण दुनिया भर के बाजार प्रभावित हुए हैं। घरेलू जरूरतों के कई उत्पाद महंगे होने के कारण लोगों की प्राथमिकता में नया स्मार्टफोन खरीदना नहीं है। वह अपनी खरीदारी को टाल रहे हैं।
EMI मॉडल हो रहा फेल
रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन मार्केट में सुस्ती नई बात नहीं है। मार्केट लगातार दबाव का सामना कर रहा है। साल 2021 में कोविड के वक्त वर्कफ्रॉम होम के कारण डिवाइस की डिमांड बढ़ गई थी, तब कंपनियों ने EMI मॉडल को बहुत लोकप्रिय बनाया। रिपोर्ट कहती है कि अब EMI मॉडल फेल हो रहे हैं। महंगे फोन बेचने के लिए फोन कंपनियों की नोकॉस्ट ईएमआई वाली रणनीति ठप पड़ती दिख रही है। रिपोर्ट कहती है कि भले ही स्मार्टफोन एक जरूरी चीज है लेकिन मार्केट के ठीक होने तक यह लोगों की प्राथमिकता में नहीं रहेगा।
रिफर्बिश्ड मॉडलों के बारे में सोच रहे लोग
काउंटरपॉइंट इंडिया के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि पहले कीमतों को No Cost EMI के साथ मैनेज कर दिया जाता था। इससे लोगों के लिए महंगे फोन्स खरीदना आसान हो जाता था। लेकिन अब लोग, कम कीमत वाले रिफर्बिश्ड (पुराने) फोन के बारे में सोचने लगे हैं या फिर अपने पुराने फोन को ठीक कराने की योजना बना रहे हैं।







