नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के कारण पश्चिम एशिया में तनाव पैदा हो गया है। इस युद्ध को एक महीने से ज्यादा हो गए हैं। यह 28 फरवरी को शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय आया जब दोनों धातुओं की कीमतें पहले से ही गिरी हुई थीं। दोनों धातुएं 29 जनवरी 2026 को अपने ऑल टाइम हाई के मुकाबले काफी नीचे कारोबार कर रही थीं। युद्ध के दौरान गिरावट ने निवेशकों को और चिंता में डाल दिया है। हालांकि अब इनमें कुछ तेजी की उम्मीद दिखाई दे रही है।
कितनी गिरी सोने-चांदी की कीमत?
- 29 जनवरी 2026 को सोना और चांदी अपने शीर्ष पर थे। उस समय एमसीएक्स पर सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1.90 लाख रुपये को पार कर गई थी। वहीं चांदी प्रति किलो 4.25 लाख रुपये के पार चली गई थी।
- इसके बाद दोनों धातुओं में बड़ी गिरावट आई। 28 फरवरी को युद्ध वाले दिन सोने की कीमत करीब 1.65 लाख रुपये और चांदी की कीमत प्रति किलो करीब 2.82 लाख रुपये थी।
- गुरुवार को जब बाजार बंद हुआ तो उस समय सोना करीब 1.49 लाख रुपये और चांदी करीब 2.32 लाख रुपये पर थी। ऐसे में युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक सोने करीब 10 फीसदी और चांदी करीब 18 फीसदी गिर गए हैं।
सोने में 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट
सोने के लिए मार्च का महीना काफी खराब रहा। साल 2008 के बाद सोने में मार्च में सबसे बड़ी मासिक गिरावट आई। मार्च में सोने में 13% से अधिक की गिरावट आई, जो अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने का जोखिम अभी टला नहीं है। जब तक तेल की कीमतें अस्थिर रहेंगी, सोने पर दबाव बना रहेगा।
क्यों आ रही गिरावट?
ईरान युद्ध के बीच कीमती धातुओं के दाम तेजी से गिरे हैं। पिछले कुछ दिनों में कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है और यह युद्ध से जुड़ी खबरों के साथ घट-बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच कीमतों में इस बदलाव के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
डॉलर की मजबूती
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका
निवेशकों को लग रहा है कि बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं।
मुनाफावसूली
पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर बिकवाली की है।
क्या अब बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम?
- निवेशक अब इस इंतजार में हैं कि सोना और चांदी के दाम कब बढ़ेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दोनों धातुओं की कीमत में जल्द ही तेजी दिखाई दे सकती है।
- दरअसल, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। ऐसे में जूलर्स इस गिरावट को एक अच्छा मौका मान रहे हैं। खास तौर से सोने की कीमत में तेजी देखी जा सकती है।
- जूलर्स का कहना है कि अगर कीमतों में गिरावट का यह दौर जारी रहा तो 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मौके पर गहनों की मांग में बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।
अब क्या करें निवेशक?
इंडिया बुलियन एंड जूलर्स असोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेजिडेंट अक्षा कंबोज का कहना है कि कीमतों में यह उतार-चढ़ाव डराने वाला लग सकता है, लेकिन कुल मिलाकर रुझान सकारात्मक है। अभी जो गिरावट दिख रही है वह मुनाफावसूली की वजह से है। यह अच्छा संकेत है।
उन्होंने कहा कि चांदी की कीमतों में अस्थिरता की वजह से भारत में लोग इसे खरीदने के लिए आकर्षित हो रहे है। निवेशकों को चांदी में एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय। जाय किश्तों में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में यह उतार-चढ़ाव ग्राहकों को थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन कम दाम पर खरीदारी करने वालों के लिए यह एक अच्छा मौका भी है।







