जयपुर. जयपुर में एक बार फिर बड़े घोटाले को लेकर हलचल तेज हो गई है. लंबे समय से तलाशे जा रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी Subodh Agrawal को आखिरकार पकड़ लिया गया है. बताया जा रहा है कि उन्हें नई दिल्ली से सुबह करीब 11:30 बजे हिरासत में लिया गया. अब उन्हें जल्द ही जयपुर लाया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ होगी.
यह पूरा मामला जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले का है, जिसमें करोड़ों रुपये के काम में गड़बड़ी की बात सामने आई है. जांच एजेंसी लगातार इस मामले की परतें खोल रही थी और इसी दौरान सुबोध अग्रवाल का नाम सामने आया था. उसके बाद से ही उनकी तलाश चल रही थी.
इस मामले को लेकर Rajasthan ACB मुख्यालय में भी हलचल बनी हुई है. डीडी एसीबी गोविंद गुप्ता इस पूरे मामले पर प्रेस को जानकारी दे रहे हैं. उनके साथ एडीजी स्मिता श्रीवास्तव भी मौजूद हैं. अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी.
जानकारी के मुताबिक, मुकदमा नंबर 245/2024 में यह कार्रवाई की गई है. इससे पहले भी इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी को इस केस में एक अहम कड़ी माना जा रहा है.
फर्जी सर्टिफिकेट से टेंडर देने का आरोप, 960 करोड़ का मामला
जांच में सामने आया है कि जल जीवन मिशन के तहत फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए टेंडर लिए गए. करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर गणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल नाम की कंपनियों को गलत तरीके से दिए गए. अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से किया गया खेल लगता है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं. इसी कड़ी में संजीव गुप्ता, मुकेश शर्मा और अन्य के खिलाफ भी स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं.
बाकी आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
बताया जा रहा है कि एसीबी स्पेशल कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए हैं. आने वाले दिनों में उनकी संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी है. यानी जांच अब और सख्त मोड़ पर पहुंच गई है. इधर यह भी जानकारी सामने आई है कि सुबोध अग्रवाल के अधिवक्ता की ओर से पहले ही एसीबी को ईमेल भेजकर बताया गया था कि वह खुद जांच में शामिल होने के लिए पेश होंगे. लेकिन उससे पहले ही उन्हें दिल्ली से हिरासत में ले लिया गया.
अब उन्हें जयपुर लाकर एसीबी मुख्यालय में पेश किया जाएगा. यहां उनसे पूछताछ के बाद कई और खुलासे होने की उम्मीद है. फिलहाल इस मामले पर सबकी नजर टिकी हुई है, क्योंकि मामला बड़ा है और इसमें और भी नाम सामने आ सकते हैं.







