नई दिल्ली। साल 2026 में अगस्त महीने में एक बेहद खास खगोलीय घटना होने जा रही है. अगस्त में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण फरवरी में हुए पहले सूर्य ग्रहण से कहीं ज्यादा खास होगा, क्योंकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. 2026 का यह दूसरा सूर्य ग्रहण कुछ समय के लिए सूरज को पूरी तरह ढक लेगा. यह आसमान में एक अद्भुत और रोमांचक दृश्य होगा. यह ग्रहण न सिर्फ देखने वालों के लिए खास है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चाहे आप खगोल विज्ञान में रुचि रखते हों या आध्यात्मिक विश्वास रखते हों, यह सूर्य ग्रहण गहरा असर डालने वाली और बदलाव लाने वाली ऊर्जा लेकर आएगा, जिसे जानना और समझना काफी खास माना जाता है.
पूर्ण सूर्य ग्रहण का क्या मतलब है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूरज की रोशनी को आंशिक या पूरी तरह ढक लेता है. अगस्त 2026 में होने वाला सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा यानी कुछ समय के लिए चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेगा. जब पूर्ण ग्रहण होता है, तब दिन में भी अंधकार छा जाता है, जैसे शाम हो तारे दिखाई देने लगते हैं.
सूरज के चारों ओर उसकी बाहरी परत चमकती हुई दिखती है. इसी वजह से पूर्ण सूर्य ग्रहण को सबसे सुंदर और रोमांचक खगोलीय घटनाओं में माना जाता है. यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण से ज्यादा खास होता है, क्योंकि इसमें सूरज पूरी तरह ढक जाता है. इसे गहरे बदलाव, आत्मिक परिवर्तन और शक्तिशाली ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है.
2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब है?
सूर्य ग्रहण की तारीख-12 अगस्त 2026, बुधवार
ग्रहण का समय आपकी जगह के अनुसार अलग‑अलग हो सकता है
12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण कई घंटों तक चलेगा, लेकिन पूरा अंधकार यानी पूर्ण ग्रहण केवल कुछ ही मिनटों के लिए दिखाई देगा, वो भी केवल उन जगहों पर जहां यह नजर आएगा.
सूर्य ग्रहण का भारत पर प्रभाव
यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, क्योंकि उस समय भारत में रात होगी. इसलिए, धार्मिक रूप से सूतक के नियम लागू नहीं होंगे. यह मुख्य रूप से रूस, आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा.
अगला विशेष सूर्य ग्रहण
इस साल के अलावा अगले साल का सूर्य ग्रहण भी बहुत ही खास होने वाला है. अगला बड़ा ग्रहण 2 अगस्त, 2027 को होगा, जिसे ‘सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण’ माना जा रहा है.







