नई दिल्ली। ईरान संकट ने वैश्विक ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। सरकार इससे निपटने के लिए प्रयास कर रही है लेकिन फिर भी इसका असर देखा जा रहा है। लोगों के बीच में गैस और पेट्रोल के खत्म होने का डर बना हुआ है। इसी डर का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। महाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधियों ने ईरान संकट का सहारा लेकर अपराध करना शुरू कर दिया है। अभी तक सामने आए 100 से अधिक केसों में साइबर अपराधियों ने 2.7 करोड़ रुपए ठग लिए हैं।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पहले बैंक अधिकारी और अन्य तरीकों से लोगों को ठगने वाले साइबर अपराधी अब गैस की कंपनी के अधिकारी बनकर लोगों को झांसा दे रहे हैं। इन अपराधियों की हिट लिस्ट पर सबसे ज्यादा मुंबई के निवासी हैं। मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड कंपनी के ग्राहकों को फोन पर मैसेज भेजा जाता है कि उनका पुराना बिल बकाया है। अगर बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो उनका कनेक्शन आज रात ही काट दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, गैस की कमी की डर से पहले से ही परेशान लोग इस मैसेज के बाद परेशान हो गए। इस डर का फायदा उठाते हुए जालसाजों ने उन्हें एक फर्जी एप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसके इंस्टॉल होते ही। उनके मोबाइल का पूरा रिमोट कंट्रोल अपराधियों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद वह उनके खातों में मौजूद पूरी रकम को ट्रांसफर कर लेते हैं।
नए कनेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़ा
जालसाजों के निशाने पर केवल पुराने गैस ग्राहक ही नहीं हैा बल्कि नए कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे लोगों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि नए पीएनजी कनेक्शन का आवेदन करने वालों को भी फर्जी कॉल आ रहे हैं। इस पर जालसाज खुद को अधिकारी बताकर लिंक के जरिए एप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐसा करते ही वह पैसे हथिया लेते हैं।
पुलिस के मुताबिक ईरान संकट की वजह से लोगों के बीच में गैस और पेट्रोल को लेकर डर का माहौल है। तमाम आश्वासनों के बाद भी लोग इसकी बात सुनकर घबरा जाते हैं। जालसाज इसी बात का फायदा उठा रहे हैं।
इन अपराधियों से कैसे बचें?
महाराष्ट्र पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सभी नागरिकों से अधिकृत एप स्टोर से ही एप डाउनलोड करने के लिए कहा है। इसके अलावा अपने बैंकिग विवरण को भी किसी और को न देने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद भी अगर किसी गैस कंपनी की तरफ से कोई मैसेज आता है, तो उसे सबसे पहले जाकर कंपनी से सत्यापित करवाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के साइबर क्राइम से बचा जा सके।







