नई दिल्ली (विशेष डेस्क): पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब एग्ज़िट पोल के नतीजों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण में 91.66% मतदान दर्ज किया गया, जबकि पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी। इस तरह राज्य में कुल मतदान 92.47% रहा।
पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले गए। पश्चिम बंगाल में दो चरणों—23 और 29 अप्रैल—में मतदान संपन्न हुआ। मतदान खत्म होते ही विभिन्न एजेंसियों के एग्ज़िट पोल सामने आए हैं, जो अलग-अलग संकेत दे रहे हैं। आइए पूरे विश्लेषण को एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा से समझते हैं।

पश्चिम बंगाल: कड़ा मुकाबला या स्पष्ट बहुमत ?
294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटें जरूरी हैं।
- पी-मार्क़: टीएमसी 118-138, बीजेपी 150-175, अन्य 2-6
- पहल टाइम्स: टीएमसी 120-130, बीजेपी 140-155, अन्य 2-8
- मैटराइज़: टीएमसी 125-140, बीजेपी 146-161, अन्य 6-10
- पीपल्स पल्स: टीएमसी 178-189, बीजेपी 95-110, कांग्रेस 1-3, लेफ्ट 0-1
- चाणक्य स्ट्रेटेजीज़: टीएमसी 130-140, बीजेपी 150-160, अन्य 6-10
चुनावी विश्लेषक प्रकाश मेहरा का कहना है कि “63 ऐसी सीटें हैं जहां अल्पसंख्यक वोट 40% से अधिक है, जिससे बीजेपी के लिए चुनौती बढ़ जाती है। वहीं एसआईआर के प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि “यह देखना होगा कि अल्पसंख्यक वोट ‘डायल्यूट’ हुआ है या नहीं।”

असम: बीजेपी गठबंधन को बढ़त के संकेत
126 सीटों वाली असम विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 64 है।
- एक्सिस माई इंडिया: बीजेपी गठबंधन 88-100, कांग्रेस गठबंधन 24-36, अन्य 0-3
- पहल टाइम्स: बीजेपी गठबंधन 90-100, कांग्रेस गठबंधन 25-30, अन्य 1-4
- पी-मार्क़: बीजेपी गठबंधन 82-94, कांग्रेस गठबंधन 30-40, अन्य 1-5
- मैटराइज़: बीजेपी गठबंधन 85-95, कांग्रेस गठबंधन 25-32, अन्य 6-12
- पीपल्स पल्स: बीजेपी गठबंधन 68-72, कांग्रेस गठबंधन 22-26, अन्य 19-28
अधिकांश एग्ज़िट पोल राज्य में बीजेपी गठबंधन की मजबूत स्थिति की ओर इशारा करते हैं।

केरल: यूडीएफ़ की वापसी के संकेत
140 सीटों वाली केरल विधानसभा में बहुमत 71 का है।
- एक्सिस माई इंडिया: एलडीएफ़ 49-62, यूडीएफ़ 78-90, बीजेपी 0-3
- पहल टाइम्स: एलडीएफ़ 50-60, यूडीएफ़ 80-90, बीजेपी 1-3
- पी-मार्क़: एलडीएफ़ 62-69, यूडीएफ़ 71-79, बीजेपी 1-4, अन्य 0-3
- मैटराइज़: एलडीएफ़ 60-65, यूडीएफ़ 70-75, बीजेपी 3-5, अन्य 2-4
- पीपल्स पल्स: एलडीएफ़ 55-65, यूडीएफ़ 75-85, बीजेपी 0-3
लगभग सभी सर्वे यूडीएफ़ को बढ़त देते दिख रहे हैं, जिससे सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलते हैं।

तमिलनाडु: त्रिकोणीय मुकाबले के बीच डीएमके आगे
234 सीटों वाले तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 है।
- पी-मार्क़: डीएमके गठबंधन 125-145, एआईएडीएमके 65-85, टीवीके 16-26, अन्य 1-6
- पहल टाइम्स: डीएमके 130-140, एआईएडीएमके 60-70, टीवीके 17-24, अन्य 1-8
- मैटराइज़: डीएमके 122-132, एआईएडीएमके 87-110, टीवीके 10-12, अन्य 0-6
- पीपल्स पल्स: डीएमके 125-145, एआईएडीएमके 65-80, टीवीके 18-24, अन्य 2-6
- चाणक्य स्ट्रेटेजीज़: डीएमके 145-160, एआईएडीएमके 50-65, टीवीके 0, अन्य 18-26
- एक्सिस माई इंडिया: डीएमके 92-110, एआईएडीएमके 22-32, टीवीके 98-120
यहां कुछ एग्ज़िट पोल त्रिकोणीय मुकाबले की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अधिकांश में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है।
पुडुचेरी: बीजेपी गठबंधन को बढ़त
30 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत 16 का है।
- एक्सिस माई इंडिया: बीजेपी गठबंधन 16-20, कांग्रेस गठबंधन 6-8, अन्य 3-7
- पहल टाइम्स: बीजेपी गठबंधन 18-25, कांग्रेस गठबंधन 5-8, अन्य 3-5
- पीपल्स पल्स: बीजेपी गठबंधन 16-19, कांग्रेस गठबंधन 10-12, अन्य 1-2
एग्ज़िट पोल्स में पुडुचेरी में बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है।
धांधली के आरोपों पर सियासी बहस
प्रख्यात सेफोलॉजिस्ट योगेंद्र यादव ने एग्ज़िट पोल पर सवाल उठाते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव में टीएमसी का बहुमत से नीचे रहना संभव नहीं है और बीजेपी की जीत केवल धांधली से ही संभव हो सकती है।
हालांकि चुनावी विश्लेषक और एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा इससे असहमत हैं। उनका कहना है “अगर कोई दल शून्य से 70 सीटों तक पहुंचता है और उसका वोट प्रतिशत 20-30% बढ़ता है, तो यह सिर्फ धोखाधड़ी से संभव नहीं है। देश में मतदाता अक्सर खेमों में बंटे होते हैं—या समर्थन में या विरोध में।”
उन्होंने आगे कहा “अगर धांधली ही करनी होती, तो केरल और तमिलनाडु में भी होती, जहां बीजेपी को बढ़त नहीं मिल रही।”
इन एग्ज़िट पोल्स से साफ है कि हर राज्य में अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर उभर रही है—कहीं कड़ा मुकाबला, कहीं स्पष्ट बहुमत के संकेत। हालांकि अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल ये आंकड़े सियासी बहस को और तेज कर रहे हैं।







