प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड मामले में केसर सिंह नेगी को हिरासत में लिए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद उत्तराखंड के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में आज नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर उत्तराखंड लोकमंच के बैनर तले एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने केसर सिंह नेगी को निर्दोष बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को बलि का बकरा बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि केसर सिंह नेगी को न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उन्हें सरकार से किसी प्रकार की उम्मीद नहीं है और वे केसर सिंह नेगी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां अपनी जांच पूरी स्वतंत्रता के साथ करें, लेकिन बिना ठोस सबूत के किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस, एमसीडी, दिल्ली सरकार और उत्तराखंड सरकार पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप था कि मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की जा रही है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जा रही है।
जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए केसर सिंह नेगी के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। वहीं, उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम जनता के बीच इस मामले को लेकर लगातार चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।







