Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

ईरान की आर्थिक घेराबंदी, अमेरिका की वजह से करोड़ों का नुकसान!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 2, 2026
in विश्व, व्यापार
A A
us-iran war
23
SHARES
755
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली।  ईरान इस समय गंभीर आर्थिक और सैन्य दबाव का सामना कर रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी के कारण उसके तेल निर्यात पर बड़ा असर पड़ा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इस बाधा ने पहले से कमजोर ईरानी अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ा दिया है और यह भी दिखाया है कि प्रतिबंधों से बचने के लिए गुप्त शिपमेंट और क्षेत्रीय समुद्री रणनीति पर उसकी निर्भरता अब कमजोर पड़ रही है.

इन्हें भी पढ़े

india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
bpcl gas cylinder

घरेलू LPG से ₹180 सस्ती कीमत पर मिल रहा सिलेंडर… इन ग्राहकों को फायदा

August 7, 2026
india-china

तिब्बत को चीन बना रहा सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार, क्या है ‘ट्विन स्ट्रैटजी’ जिसने बढ़ाई भारत की टेंशन?

August 7, 2026
Ease of Doing Business

दिल्ली में कारोबार करना हुआ आसान,’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ बिल को मिली मंजूरी

August 6, 2026
Load More

13 अप्रैल से लागू घेराबंदी, कूटनीतिक कोशिशें नाकाम

रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 अप्रैल को कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने यह घेराबंदी लागू की. इसके चलते दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक से ईरान का तेल परिवहन काफी हद तक रुक गया है.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद आर्थिक दबाव बनाए रखना और ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों को फंड करने की क्षमता को कमजोर करना है. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज के हवाले से कहा कि यह घेराबंदी “पूरी ताकत से लागू” है और ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर “निर्णायक असर” डाल रही है.

ईरान के अंदर मतभेद बढ़े, बातचीत बनाम टकराव की बहस

इस आर्थिक दबाव का असर ईरान की आंतरिक राजनीति पर भी दिख रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि सत्ता के भीतर कुछ गुट अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ गुट तनाव कम करने के लिए फिर से बातचीत शुरू करना चाहते हैं.

घरेलू हालात बिगड़े, जरूरी सामानों की कमी

देश के अंदर भी हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि विदेशी मुद्रा की कमी हो रही है और जरूरी सामानों की राशनिंग तक करनी पड़ रही है, जिससे आम लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है.

अमेरिका का सख्त रुख, ‘पूरा नियंत्रण’ का दावा

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सख्त बयान देते हुए कहा कि अमेरिका का जलडमरूमध्य पर “पूरा नियंत्रण” है और यह घेराबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समुद्री रास्तों पर “सामान्य आवागमन” बहाल नहीं हो जाता. उनके इस बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई, जिससे दोनों देशों के बीच बयानबाजी और ज्यादा आक्रामक हो गई है.

ईरान में हादसा, 14 रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मौत

इसी बीच ईरान को एक बड़ा अंदरूनी झटका भी लगा है. उत्तर-पश्चिमी प्रांत जंजान में पुराने हमलों के दौरान बचे विस्फोटकों को निष्क्रिय करते समय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 14 सदस्य मारे गए. यह घटना दिखाती है कि संघर्ष का खतरा सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य इलाकों में भी जानलेवा स्थिति बनी हुई है.

क्षेत्रीय हालात तनावपूर्ण, बातचीत के संकेत भी

पूरे क्षेत्र में हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ सीधी लड़ाई फिलहाल खत्म हो गई है, लेकिन अमेरिका लगातार प्रतिबंध कड़े कर रहा है और सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. वहीं, ईरान ने बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है, लेकिन साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में आकर शर्तें स्वीकार नहीं करेगा.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
gold

सोना चमका, रिकॉर्ड तोड़ा, 1 लाख पार का जादू छोड़ा !

June 13, 2025
PM Narendra Modi

इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित हुए PM नरेंद्र मोदी

July 7, 2026

महंगाई पर भी बिखरा विपक्ष!

July 31, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ‘थैंक्यू रेखा दीदी’: दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए जताया CM का आभार!
  • दिल्ली के सरकारी अस्पताल अब खुद करेंगे दवाओं और मेडिकल सामान की खरीद
  • नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.