देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जनपद के कैंट क्षेत्र में किशन नगर एक्सटेंशन में क्षेत्रीय लोगों के हंगामें के बाद स्कूल में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। यहां एक प्ले ग्रुप स्कूल परिसर के पीछे किराए पर दिए गए कमरों में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन युवतियों को पीड़ित मानते हुए वहां से मुक्त कराया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक पहले भी देह व्यापार के आरोप में जेल जा चुका है।
स्कूल के पीछे किराए पर लिए गए जिन कमरों में सेक्स रैकेट चल रहा था, वहां से लड़कियों की रेट लिस्ट और हिसाब की नोटबुक भी बरामद हुई है। रेस्क्यू की गई युवतियों में से एक एचआईवी संक्रमित होने का भी अंदेशा है।
आपत्तिजनक स्थिति में मिले युवक-युवती
पुलिस से अनुसार, क्षेत्रीय लोगों द्वारा स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में किराए पर लिए गए कमरों में सेक्स रैकेट चलाए जाने की शिकायत की गई थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के नेतृत्व में छापेमारी की। जहां दो पुरुष और तीन युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। वहीं, मौके से आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें, दवाइयां, कंडोम, कुछ डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और लेन-देन से जुड़ी एक डायरी भी बरामद की गई है।
आवाजाही ज्यादा होने पर आशंका हुई
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी लंबे समय से रात के समय यहां पर संदिग्ध लोगों की आवाजाही हो रही थी। शुरुआत में किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि सामने के हिस्से में प्ले ग्रुप स्कूल संचालित किया जा रहा था, लेकिन बाद में जब बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी तो क्षेत्रवासियों को संदेह हुआ और उन्होंने विरोध जताया।
शिकायत पर पुलिस ने मारा छापा
मामले की जानकारी फैलते ही लोग यहां एकत्र हो गए और प्रदर्शन भी किया। शिकायत मिलने पर पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने छापेमारी की। पुलिस ने मौके से आशीष कुमार पांडे (42) पुत्र सुरेश चन्द पांडे निवासी प्लाट नंबर-84 गुरुजम्भेश्वर नगर, अग्रवाल कैटरस गांधी पथ वैशाली नगर, जयपुर, राजस्थान और जंग बहादुर (50) पुत्र खड़ग सिंह निवासी डी-22 नारायण सिंह सर्किल जनता कॉलोनी, जयपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया है। इनमें से आशीष पांडे पहले भी देह व्यापार के आरोप में जेल जा चुका है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली से आई थीं युवतियां
इनके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। छानबीन में सामने आया है कि रेस्क्यू की गईं युवतियां मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली क्षेत्र से आई थीं, जिन्हें देहरादून में काम दिलाने के नाम पर यहां लाया गया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस जांच कर रही
छापेमारी के दौरान कमरों में मिले मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव और हिसाब-किताब वाली डायरी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जिनसे ग्राहकों, पैसों के लेन-देन और संपर्कों से जुड़ी अहम जानकारी हो सकती है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। रेस्क्यू की गई युवतियों में से एक युवती के बैग से एचआईवी के इलाज से जुड़ा एक मेडिकल दस्तावेज मिला है। हालांकि, मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
काम दिलाने के बहाने युवतियों को फंसाते थे आरोपी
पूछताछ में आरोपी आशीष कुमार पांडे पुत्र सुरेश चन्द्र पांडे द्वारा काम दिलाने के बहाने बाहरी राज्यों से महिलाओं को देहरादून बुलाया जाता था। उनकी मजबूरियों का फायदा उठाकर वह उनसे अनैतिक देह व्यापार करवाता था।







