पटना/दिल्ली: बिहार में बड़े स्तर पर तकनीकी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार ने गूगल इंडिया को ऑफर दिया है। दिल्ली के बिहार भवन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा के नेतृत्व में आए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर साझा की। बैठक के दौरान राज्य के विकास को गति देने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर गंभीर विमर्श हुआ और बिहार को वैश्विक आईटी मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर बातचीत की गई।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने किया गूगल को ऑफर
मुलाकात के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘बिहार भवन, नई दिल्ली में गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट श्री चंदू थोटा जी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। बैठक में तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान बिहार GCC नीति- 2026 के अंतर्गत गूगल को राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने हेतु आमंत्रित किया।’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और गूगल इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक में बिहार के मुख्य सेक्टरों को डिजिटल रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच राज्य में आधुनिक तकनीक के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और कृषि क्षेत्र में नए तकनीकी प्रयोगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। अगर, गूगल इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो ये बिहार के तकनीकी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निवेश साबित हो सकता है।
गूगल इंडिया का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्या है?
गूगल इंडिया का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) भारत (मुख्य रूप से हैदराबाद और बेंगलुरु) में स्थित एक बेहद अपग्रेडेड और स्ट्रैटजिक इन-हाउस टेक्नोलॉजी हब है। 2004 से चल रहे ये सेंटर पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल (सिर्फ बैक ऑफिस काम) से अलग है। भारतीय इंजीनियर्स और प्रोफेशनल्स वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल होने वाले मुख्य प्रोडक्ट्स जैसे- गूगल सर्च (Google Search), गूगल पे (Google Pay) और गूगल क्लाउड (Google Cloud) के कोर डेवलपमेंट को संभालते हैं।
इसके अलावा, ये सेंटर जेमिनी (Gemini AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक एआई तकनीकों पर अनुसंधान और विकास का नेतृत्व करता है। ये केंद्र वैश्विक परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ भारत के बेहतरीन तकनीकी टैलेंट को वैश्विक स्तर पर नवाचार (Innovation) करने का एक बड़ा मंच प्रदान करता है। नैसकॉम (NASSCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पूरा जीसीसी मार्केट साइज 98.4 अरब डॉलर (लगभग $100 Billion) के स्तर पर पहुंच गया है।
गूगल का जीसीसी प्रोजेक्ट भारत में 23 लाख से अधिक हाई-टेक प्रोफेशनल्स को रोजगार देते हैं। गूगल का यह सेंटर भारत को दुनिया की ‘डिजिटल फैक्ट्री’ बनाने में मदद कर रहा है। ऐसे सेंटर्स की वजह से भारत में उच्च-स्तरीय तकनीकी नौकरियां पैदा हो रही हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चाहते हैं कि गूगल इंडिया राज्य में इस तरह के मौके की तलाश करे। राज्य की सरकार उनकी भरपूर मदद करेगी।






