नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन जंग के बीच यूक्रेन की माली हालत को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। दरअसल, रूसी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2022 में जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन का कर्ज 110 बिलियन डॉलर यानी करीब 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये और बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19 लाख करोड़ भारतीय रुपये तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी, 2024 से रूस के साथ लगातार चल रही जंग, रक्षा खर्च और विदेशी फाइनेंशियल हेल्प पर बढ़ती निर्भरता की वजह से यूक्रेन पर कर्ज का बोझ काफी तेजी से बढ़ा है।
युद्ध के कारण दो गुने से ज्यादा बढ़ा कर्ज
रूसी समाचार एजेंसी TASS ने शनिवार को दावा कि 2022 से यूक्रेन का कर्ज 110 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये और ज्यादा हो गया है। इसमें विदेशी और घरेलू दोनों प्रकार के कर्ज शामिल हैं। यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों की गणना करते हुए TASS ने बताया कि 2022 से ये कर्ज दोगुने से भी अधिक हो गया है। यह कर्ज 97.96 बिलियन डॉलर से बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। यानी इसमें करीब 111.01 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।
4 साल में 3 गुना बढ़ा यूक्रेन का विदेशी कर्ज
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विदेशी कर्ज में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। यह 57.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 162.73 बिलियन डॉलर यानी 15 लाख करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा हो गया है, जो 2022 के मुकाबले लगभग 3 गुना है। ये भी दावा किया गया कि इस रकम में से यूक्रेन को International Monetary Fund का करीब 10 बिलियन डॉलर चुकाना है, और बाकी रकम अलग-अलग सहयोगी देशों को यूक्रेन को चुकानी होगी।
यूक्रेन के हर नागरिक पर 7 लाख रुपये का है कर्ज
रूसी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, युद्ध के दौरान यूक्रेन को पश्चिमी देशों से सैन्य मदद और ग्रांट मिलने के बावजूद उसके कर्ज में भारी बढ़ोतरी हुई है। TASS ने ‘Institute for Demography and Social Studies’ का हवाला देते हुए दावा किया कि करीब 2.8 करोड़ की जनसंख्या के आधार पर, अब हर यूक्रेनी पर करीब 7 हजार 500 डॉलर यानी लगभग 7 लाख 13 हजार 328 भारतीय रुपये का सरकारी कर्ज है।
कर्ज चुकाने में ही 35 साल लगने का अनुमान
यूक्रेन पर बढ़ते आर्थिक दवाब के बीच, यूक्रेन की सदनीय विधायिका वेरखोव्ना राडा के सांसदों का अनुमान है कि उनके देश के मौजूदा कर्ज को चुकाने में ही करीब 35 साल लग सकते हैं। यूक्रेन लगातार पश्चिमी देशों से आर्थिक मदद का प्रयास कर रहा है। हाल ही में यूरोपियन यूनियन ने यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो के लोन पैकेज की घोषणा की है, जो जल्द ही शुरू हो जाएगा। लेकिन कर्ज आगे चलकर उसका सिरदर्द बन सकता है।







