अमेठी: जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा विभाग में हुए 7 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच अब सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बुधवार को सीबीआई की 8 टीमें अमेठी पहुंचीं और जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर मामले में शामिल लोगों से पूछताछ की है.
वित्त एवं लेखा अधिकारी किशन गुप्ता
सीबीआई-डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में अमेठी के साथ लखनऊ, प्रतापगढ़, कुशीनगर और अयोध्या में भी छापेमारी की जा रही है. घोटाले का खुलासा लेखाधिकारी किशन गुप्ता की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद हुआ था, जिसमें कर्मचारियों द्वारा बड़े स्तर पर हेरफेर कर कई शिक्षकों के खाते में पैसे भेजने का आरोप है.
जानकारी के अनुसार, अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा विभाग में बीते दिनों सात करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया था. मामले का मुकदमा लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था.
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने पूरे मामले को टेकओवर किया और जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित कर आगे की कार्यवाई शुरू की. मामले की जांच के लिए बुधवार की सुबह सीबीआई की आठ टीमें अमेठी पहुंचीं. टीमों ने जिले के लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी कर संलिप्त कर्मचारियों, शिक्षकों से घंटों पूछताछ की.
सीबीआई की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुंची, जहां एसएचओ से एफआईआर जांच की प्रगति और जब्त दस्तावेजों की पूरी जानकारी ली. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े स्तर पर वित्तीय हेरफेर की है.
वेतन, भत्ते और अन्य मदों में फर्जीवाड़ा कर पैसों को कई शिक्षकों के खातों में ट्रांसफर किया गया है. इस घोटाले की जड़ें सिर्फ अमेठी तक सीमित नहीं हैं. इसी लिए सीबीआई की टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, कुशीनगर और अयोध्या में भी छापेमारी कर रही हैं.
डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप है. सीबीआई सभी दस्तावेज खंगाल रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. मामले में वित्त एवं लेखा विभाग के कनिष्ठ लिपिक मनोज कुमार मालवीय, आउटसोर्सिंग कर्मी शिवम पांडेय, अभिषेक सिंह के साथ ही श्रवण कुमार और शैलेश कुमार शुक्ला की भूमिका बताई जा रही है.
वहीं, इस मामले में वित्त एवं लेखा अधिकारी किशन गुप्ता ने बताया कि पहले से इस मामले में मुकदमा दर्ज है. जिला स्तर पर भी इसकी जांच हो चुकी है. मामले में पांच लोग कुल आरोपित है. कोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच कर रही है, जल्द ही दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.







