Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home व्यापार

RBI ने बदले डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के नियम, ऐसे मिलेगा मुआवजा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 25, 2026
in व्यापार
A A
17
SHARES
567
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। अगर आप डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के शिकार ग्राहकों के लिए मुआवजा व्यवस्था में बदलाव करते हुए सीमित देनदारी (Limited Liability) के दायरे को बढ़ा दिया है, ताकि धोखाधड़ी की स्थिति में ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा मिल सके।

केंद्रीय बैंक के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक धोखाधड़ी वाले इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन (EBT) की वजह से 50,000 रुपये तक के कुल नुकसान की शिकायत दर्ज कराता है, तो उसे जिंदगी में एक बार कुल नुकसान की रकम का 85% या 25,000 रुपये, जो भी कम हो, मुआवज़ा दिया जाएगा।

इन्हें भी पढ़े

EPFO

नौकरी छोड़ने के बाद EPF का ब्याज टैक्स फ्री नहीं होता, जानें क्यों?

October 5, 2026
Post Office

Post Office की गदर स्कीम, 5 साल में सिर्फ ब्याज से ₹450000 की कमाई

October 5, 2026
fund

भारत पर बढ़ा वैश्विक भरोसा, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास क्षमता से निवेशकों की पसंद बना

October 4, 2026

क्या है अमेरिका का वीजा बॉन्ड और 50 देशों पर क्यों हुआ लागू? भारत को मिली छूट

October 4, 2026
Load More

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक-रिस्पॉन्सिबल बिज़नेस कंडक्ट) थर्ड अमेंडमेंट डायरेक्शन्स, 2026 में कहा गया है कि पीड़ित को फ्रॉड वाले ईबीटी की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर और बैंक को इसके होने के पांच कैलेंडर दिनों के अंदर करनी चाहिए।

आरबीआई ने कहा कि 29,412 रुपये से कम के नुकसान वाले फ्रॉड वाले ईबीटी से जुड़ी शिकायत के लिए, जहां 85% का मुआवजा दिया जाता है, 65% आरबीआई 10% कस्टमर का बैंक और बाकी 10% बेनिफिशियरी बैंक उठाएगा।

क्रॉस-बॉर्डर फ्रॉड वाले ईबीटी से होने वाली शिकायत के मामले में 65% आरबीआई और बाकी 20% कस्टमर का बैंक उठाएगा।

इसमें कहा गया है कि अगर धोखाधड़ी वाले ईबीटी से जुड़ी शिकायत में 29,412 रुपये या उससे ज्यादा लेकिन 50,000 रुपये तक का नुकसान होता है और 25000 रुपये का मुआवजा दिया जाता है, तो घरेलू धोखाधड़ी वाले ईबीटी से जुड़ी शिकायत के मामले में आरबीआई, कस्टमर के बैंक और बेनिफिशियरी बैंक को मुआवजे के लिए क्रम से 19,118 रुपये, 2,941 रुपये और 2,941 रुपये देने होंगे।

अगर क्रॉस-बॉर्डर धोखाधड़ी वाले EBT से कोई शिकायत आती है, तो आरबीआई और कस्टमर के बैंक मुआवजे के लिए क्रम से 19,118 रुपये और 5,882 रुपये देंगे।

बेनिफिशियरी बैंक का मतलब उस बैंक से है जहां धोखाधड़ी से डेबिट की गई रकम सबसे पहले क्रेडिट की जाती है। ऐसे मामलों में जहां एक से ज्यादा बेनिफिशियरी बैंक हैं, हर बैंक को दिया जाने वाला लागू मुआवजा उनके अकाउंट में जमा की गई रकम के अनुपात में होगा।

आरबीआई ने कहा कि अगर कम्पेनसेशन देने के बाद फ्रॉड EBT से जुड़ी किसी शिकायत के संबंध में रिकवरी होती है, तो कस्टमर के बैंक को नेट लॉस अमाउंट पर दिए जाने वाले कम्पेनसेशन को फिर से कैलकुलेट करना चाहिए और रिकवरी से पहले दिए गए कम्पेनसेशन की ज्यादा रकम, अगर कोई हो, को ध्यान में रखते हुए रिकवर की गई रकम से एक्स्ट्रा पेमेंट करना चाहिए।

आरबीआई ने कहा कि क्रेडिट कार्ड में फ्रॉड EBT से जुड़ी शिकायत के मामले में, बैंक को कस्टमर से नोटिफिकेशन मिलने की तारीख से पांच कैलेंडर दिनों के अंदर आरबीआई में शामिल रकम के बराबर शैडो रिवर्सल देना चाहिए।

आरबीआई ने कहा कि अनऑथराइज़्ड इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन का मतलब है ऐसा ट्रांज़ैक्शन जो कस्टमर द्वारा ऑथराइज्ड नहीं है और इसमें बैंक की लापरवाही या किसी थर्ड-पार्टी ब्रीच के कारण हुआ आरबीआई शामिल है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और रेगुलेटेड एंटिटीज द्वारा वित्तीय उत्पादों या सेवाओं की बिक्री से जुड़े नियम कड़े कर दिए। इस कदम का उद्देश्य लेंडर्स द्वारा फाइनेंशियल प्रोडक्ट की गलत बिक्री को रोकना, गलत मार्केटिंग तरीकों पर रोक लगाना और कस्टमर की सहमति, डिस्क्लोजर और बिक्री के तरीकों के नियमों को कड़ा करना है।

केंद्रीय बैंक ने टेक्निकल और ऑपरेशनल बदलावों की जरूरत को देखते हुए रिवाइज्ड गाइडलाइंस लागू करने की तारीख बढ़ा दी है। अब ये नियम जुलाई 2026 के बजाय 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Beauty parlors

ब्यूटी पार्लर बनते लव जिहाद का नया अड्डा? साधु-संतों की चेतावनी, विशेष कानून की मांग

April 17, 2025
Opposition's

पटना में जुटे 15 दल क्या बिगाड़ सकेंगे बीजेपी का खेल

June 24, 2023

उत्तराखंड: धाम के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के दिए निर्देश

December 29, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • मामाजी की पत्रकारिता सिखाती है कलम का धर्म
  • पंजाब BJP अध्यक्ष बोले, ‘AAP सरकार के भ्रष्टाचार का घड़ा भरा, इसका…’
  • 5G से जल्दी खत्म होती है बैटरी? बंद करने पर कितना फर्क पड़ेगा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.