प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
अयोध्या: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं तथा चोरी के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को अब तक हुई जांच की विस्तृत रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा और जांच की प्रगति की जानकारी तलब की।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एसआईटी द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
क्या हैं याचिकाकर्ताओं के आरोप ?
इस मामले में याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। याचिका में इन आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन, दान की प्राप्ति, उसके उपयोग और लेखा-जोखा का परीक्षण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराया जाए, ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
दूसरी याचिका में भी उठी सीबीआई जांच की मांग
इसी मामले में अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर एक अन्य याचिका में भी समान मांगें रखी गई हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ मंदिर में दान करते हैं, इसलिए दान की सुरक्षा और उसके पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दानदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में क्या कहा ?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के तथ्यों पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी को जांच की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया है। एसआईटी की रिपोर्ट और सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई करेगी।
अब इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। वहीं, एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इसके बाद न्यायालय यह तय करेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी है और क्या स्वतंत्र एजेंसी से जांच की आवश्यकता है।







