नई दिल्ली। कार्डिफ के सोफिया गार्डंस मैदान पर क्रिकेट के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जुड़ गया. भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ यानी विराट कोहली ने इंग्लैंड की सरजमीं पर एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जो अब से पहले किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए एक ख्वाब जैसा था. इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में जैसे ही विराट कोहली ने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर एक शानदार चौका जड़ा, वैसे ही उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज और ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ के एक बड़े रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया. कोहली अब इंग्लैंड की धरती पर सभी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) को मिलाकर सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं.
37 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) को इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए मैच से पहले महज 4 रनों की दरकार थी. भारत की पारी के नौवें ओवर में जब जोफ्रा आर्चर चौथी गेंद फेंकने आए, तो विराट के बल्ले से निकले एक शानदार शॉट ने न सिर्फ गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया, बल्कि इतिहास की किताबों में उनका नाम सबसे ऊपर दर्ज करा दिया.
द्रविड़ की ‘दीवार’ को किया पार
विराट कोहली ने साल 2011 में पहली बार इंग्लैंड की धरती पर कदम रखा था और तब से लेकर साल 2026 तक का उनका सफर बेहद उतार-चढ़ाव और संघर्षों से भरा रहा है. उन्होंने इंग्लैंड में अब तक कुल 59 मैच खेले हैं, जिसकी 75 पारियों में उनके बल्ले से 2,646* रन निकले हैं. इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 40.03 का रहा है, जिसमें 3 शानदार शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं. इंग्लैंड में विराट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 149 रन रहा है.
दूसरी तरफ, भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ ने साल 1996 से 2011 के बीच इंग्लैंड में अपनी धाक जमाई थी.द्रविड़ ने वहां केवल 46 मैचों की 56 पारियों में 55.10 के अविश्वसनीय औसत के साथ 2,645 रन बनाए थे. द्रविड़ के नाम इंग्लैंड में 8 शतक और 15 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 217 रन था. विराट ने द्रविड़ के इसी 2,645 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर को पार कर भारतीय क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है.
दिग्गजों की लिस्ट में शीर्ष पर कोहली
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही विराट कोहली ने भारत के कई अन्य महान खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया है .अगर इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की फेहरिस्त पर नजर डालें, तो क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अब तीसरे स्थान पर आ गए हैं. सचिन ने 1990 से 2011 के बीच इंग्लैंड में 43 मैचों की 56 पारियों में 49.54 के औसत से 2,626 रन बनाए थे, जिसमें 7 शतक और 12 अर्धशतक शामिल थे.
इस लिस्ट में मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वह चौथे स्थान पर काबिज हैं. रोहित ने 2009 से 2026 के बीच इंग्लैंड में 48 मैचों की 55 पारियों में 49.95 के शानदार औसत से 2,308 रन बनाए हैं. रोहित के नाम इंग्लैंड में सबसे ज्यादा 9 शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.
भारतीय क्रिकेट को आक्रामकता सिखाने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं. ‘दादा’ ने 1996 से 2007 के बीच 36 मैचों में 1,949 रन जोड़े थे, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 183 रन था. वहीं, भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी छठे स्थान पर हैं, जिन्होंने इंग्लैंड में 60 मैच खेलकर 1,869 रन बनाए हैं. धोनी के बाद हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा (1,644 रन), स्टाइलिश बल्लेबाज केएल राहुल (1,643 रन), दिग्गज सुनील गावस्कर (1,583 रन) और गब्बर यानी शिखर धवन (1,478 रन) का नंबर आता है.
किंग के सामने अब विव रिचर्ड्स की चुनौती
हालांकि, विराट कोहली ने इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज का गौरव तो हासिल कर लिया है, लेकिन विश्व स्तर पर अभी एक बड़ा रिकॉर्ड उनके सामने खड़ा है.इंग्लैंड की धरती पर किसी भी विदेशी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के महान और विस्मयकारी कप्तान सर विवियन रिचर्ड्स के नाम है.
सर विव रिचर्ड्स ने 1975 से 1991 के बीच इंग्लैंड में कैरेबियाई टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 55 मैचों की 63 पारियों में तहलका मचाया था. उन्होंने वहां 3,402 रन बनाए थे. कोहली अभी रिचर्ड्स के इस सर्वकालिक रिकॉर्ड से लगभग 756 रन पीछे हैं. लेकिन जिस तरह से विराट कोहली का बल्ला रनों की भूख शांत करने में लगा है, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में वह इस वैश्विक रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर सकते हैं. फिलहाल, पूरा खेल जगत विराट की इस नई और ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें सलाम कर रहा है.







