प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। वसुंधरी सोसाइटी फॉर सोशल एक्शन (VSSA) द्वारा आयोजित ‘क्रिकेट टैलेंट हंट टूर्नामेंट 2.0’ का भव्य समापन समारोह उत्साह और प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ। IPL की तर्ज पर आयोजित इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों—एनजीओ, झुग्गी-बस्तियों और सोसायटियों के बच्चों—को एक मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा को निखारना और जरूरतमंद खिलाड़ियों को प्रायोजन (sponsorship) के माध्यम से समर्थन प्रदान करना था।
विजेता टीमों का शानदार प्रदर्शन
टूर्नामेंट में तीन श्रेणियों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। सीनियर वर्ग: ‘गुजरात टाइटन्स’ ने बाजी मारी और विजेता बनी, जबकि ‘पंजाब किंग्स 11’ उपविजेता रही। विशेष रूप से गुजरात टाइटन्स की टीम में एनजीओ और झुग्गी-बस्तियों के बच्चों का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक रहा।
जूनियर वर्ग: ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने विजेता का खिताब अपने नाम किया और ‘सनराइजर्स हैदराबाद’ उपविजेता रही।
गर्ल्स वर्ग: बालिकाओं की श्रेणी में ‘गुलदस्ता स्कूल’ की टीम विजेता रही और ‘विमला ज्ञान केंद्र’ उपविजेता रही।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक प्रत्याशी (ओखला) ब्रह्म सिंह ने शिरकत की। उनके साथ डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जसोला के प्रभारी प्रीतम, सी-पॉकेट आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी, सुप्रीमो हॉस्पिटल से डॉ. गरिमा और मनीष तनवर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को क्रिकेट किट बैग भेंट किए और बच्चों के बीच स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स वितरित किए।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
सीनियर, जूनियर और गर्ल्स वर्ग में बेहतरीन खेल दिखाने वाले खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द सीरीज़, बेस्ट बैटर, बेस्ट बॉलर, बेस्ट विकेटकीपर और बेस्ट फील्डर के खिताब से नवाजा गया। सभी प्रतिभागियों को उत्साहवर्धन के लिए पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
सामाजिक बदलाव का संकल्प
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष विनय गलेटिया ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल क्रिकेट प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि उन बच्चों को मंच देना है जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। VSSA भविष्य में भी शिक्षा और खेल के माध्यम से वंचित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
समारोह में संस्था के अन्य पदाधिकारीगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। यह टूर्नामेंट खेल के मैदान से परे सामाजिक समावेशिता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।







