Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारतीय विचार के मजबूत स्तंभ ‘11 महानायक’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 25, 2026
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
भारतीय विचार के मजबूत स्तंभ ‘11 महानायक’
26
SHARES
878
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

lokendra singhडॉ. लोकेन्द्र सिंह


भारत में महापुरुषों की एक लंबी शृंखला है। भारत के सुदीर्घ इतिहास के प्रत्येक कालखंड में हमें ऐसे नायक दिखाई देते हैं, जिन्होंने भारतीय समाज का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे में कुछ नायकों को चुनना और उनके व्यक्तित्व पर लिखना, अत्यंत कठिन कार्य है। अपने लेखन के दौरान प्रो. संजय द्विवेदी समय-समय पर भारत के नायकों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लिखते रहे हैं।

इन्हें भी पढ़े

india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
hypersonic missile

15 माह और 15 विनाशक हथियारों के परीक्षण, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किस तैयारी में जुटा भारत?

August 7, 2026
EC

उत्तराखंड के 1400 से अधिक नेताओं पर चुनाव लड़ने पर रोक, EC का बड़ा ऐक्शन

August 7, 2026
india-china

तिब्बत को चीन बना रहा सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार, क्या है ‘ट्विन स्ट्रैटजी’ जिसने बढ़ाई भारत की टेंशन?

August 7, 2026
Load More

उनमें से ही 11 नायकों का चयन करके उन्होंने एक पुस्तक तैयार की है, जिसका नाम है- ‘11 महानायक’। ‘संस्मय प्रकाशन’ से प्रकाशित पुस्तक ‘11 महानायक’ भारतीय इतिहास और नवजागरण के उन देदीप्यमान नक्षत्रों की गाथा है, जिन्होंने अपने त्याग, संघर्ष और वैचारिक स्पष्टता से एक सशक्त भारत की नींव रखी। यह पुस्तक ‘गागर में सागर’ भरने का एक सफल प्रयास है, जो पाठकों को भारत के महान सपूतों के जीवन-दर्शन से सीधे जोड़ती है।

लेखक प्रो. संजय द्विवेदी ने अपनी इस कृति में छत्रपति शिवाजी महाराज के माध्यम से युवाओं को स्वराज्य और सांस्कृतिक गौरव की भावना से जोड़ने का प्रयास किया है। लेखक बताते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सैन्य प्रणाली में कई प्रयोग किए। महाराज ने लोकमंगल के साथ शासन किया। वहीं, आध्यात्मिक पुनर्जागरण के पुरोधा स्वामी विवेकानंद तो युवाओं के नायक हैं, उनके व्यक्तित्व के कई पहलुओं की ओर इस पुस्तक में संकेत किया गया है।

भारतीय विचार के मजबूत स्तंभ ‘11 महानायक’

स्वामी विवेकानंद ने सोते हुए राष्ट्र को जगाया और उसका परचम दुनिया में फहराया। स्वराज्य, राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सामाजिक समरसता का भाव जगाने वाले राजनीतिक क्षेत्र के महापुरुषों- पं. मदन मोहन मालवीय, महात्मा गांधी, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों से भी यह पुस्तक हमें अवगत कराती है। भारत की राजनीति में भारतीयता के विचार को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया है।

स्वातंत्र्यवीर सावरकर के बारे में रोमांच जगाने वाले तथ्यों को शामिल किया गया है। जो लोग पूछते हैं कि वीर सावरकर को ‘वीर’ किसने कहा, उन्हें पता होना चाहिए कि सरदार भगत सिंह ने इस महान क्रांतिकारी के लिए ‘मतवाला’ में लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने सावरकर को न केवल वीर कहा है अपितु पूजनीय भी कहा है। इस लेख में सरदार भगत सिंह ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर पर छींटाकशी करने वाले संकीर्ण मानसिकता के लोगों को लताड़ा भी है।

लेखक प्रो. द्विवेदी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन प्रसंगों को बहुत कुशलता से उकेरा है। नेताजी के जीवन से युवाओं को सीखना चाहिए कि अपने लक्ष्य के लिए किस प्रकार निरंतर प्रयास करने होते हैं। अपने संकल्पों को सिद्धि तक ले जाने की नेताजी की क्षमता अद्वितीय थी। इसके साथ ही पुस्तक में सामाजिक न्याय और एकात्मता के शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पत्रकारिता को रेखांकित किया गया है।

बाबा साहेब पत्रकारिता के माध्यम से मूक समाज की आवाज को ताकत देकर हम सबके नायक बने। इसके साथ ही, यह पुस्तक महान साहित्यकार, क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी पंडित माखनलाल चतुर्वेदी जी की पत्रकारिता की धारा से भी परिचित कराती है। स्वतंत्रता के पहले और उसके बाद भी, भारतीय पत्रकारिता को मूल्यों के साथ जोड़ने के माखनलाल जी के प्रयास उल्लेखनीय हैं। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ही पहले संपादक थे, जिन्होंने पत्रकारों को गढ़ने के लिए विद्यापीठ का विचार दिया। उनके उसी विचार को साकार करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने ‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय’ की स्थापना की। माखनलाल जी ने 1927 में राजस्थान के भरतपुर में आयोजित संपादक सम्मेलन में कहा था कि हिन्दी समाचार पत्रों के कार्यालयों में योग्य व्यक्ति आएँ, इसके लिए एक विद्यापीठ की आवश्यकता है।

उल्लेखनीय है कि प्रो. संजय द्विवेदी एक जाने-माने संचारविद् हैं। वे भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली यानी आईआईएमसी के महानिदेशक रह चुके हैं। साथ ही वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष हैं। उनकी यह पृष्ठभूमि इस पुस्तक की भाषा-शैली एवं विषय-वस्तु में स्पष्ट झलकती है। पुस्तक की भाषा प्रवाहपूर्ण और सहज है। ऐतिहासिक तथ्यों को बिना किसी बोझिलता के, सहजता के साथ प्रस्तुत किया गया है। वैचारिक विविधताओं एवं विविध कार्यक्षेत्रों के बावजूद, इन सभी महानायकों के भीतर जो एक ‘राष्ट्र-प्रथम’ का भाव था, उसे यह पुस्तक बहुत ही खूबसूरती से रेखांकित करती है।

आज के समय में, जब युवा पीढ़ी अपने इतिहास और आदर्शों से दूर होती जा रही है, यह पुस्तक एक सेतु का काम करती है। यह पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि आधुनिक भारत का निर्माण कई महानायकों के सामूहिक तप का प्रतिफल है। यह पुस्तक युवा पीढ़ी के मन में अपने नायकों को जानने की जिज्ञासा पैदा करती है कि वे और अधिक पढ़ें, और दूसरे नायकों के बारे में पढ़ें। कुल मिलाकर, ‘11 महानायक’ एक ऐसी पुस्तक है जिसे सब पढ़ सकते हैं। कम समय में भारतीय जनमानस को गढ़ने वाले प्रमुख नायकों के बारे में प्रामाणिक और प्रेरणादायी जानकारी यह पुस्तक देती है।

भारतीय विचार के मजबूत स्तंभ ‘11 महानायक’

  • पुस्तक : 11 महानायक
  • लेखक : प्रो. संजय द्विवेदी
  • प्रकाशक : संस्मय प्रकाशन, दिल्ली
  • मूल्य : 80 रुपये
  • पृष्ठ : 72

समीक्षक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

अल्पसंख्यकों के लिए सबसे बेहतरीन देश है भारत

February 7, 2023

ऑपरेशन सिंदूर : भारत के अकल्पनीय वार से दहला पाकिस्तान!

May 7, 2025
WCL

बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वी जयंती पर वेकोलि में हुए व्याख्यान

April 20, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ‘थैंक्यू रेखा दीदी’: दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए जताया CM का आभार!
  • दिल्ली के सरकारी अस्पताल अब खुद करेंगे दवाओं और मेडिकल सामान की खरीद
  • नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.