Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

क्या है 38+4 वाला आंकड़ा, जो लोकसभा में NDA को करेगा परेशान

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 18, 2026
in राष्ट्रीय
A A
loksabha
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. चर्चा है कि सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को फिर से ला सकती है, जिसके तहत 2029 में ही इसे लागू करने की तैयारी है. इसके अलावा वन नेशन वन इलेक्शन के प्रावधान वाले विधेयक और समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक भी पेश किया जा सकता है.

इन विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की जरूरत है. राज्यसभा में एनडीए सरकार की स्थिति 150 सांसदों के समर्थन के साथ मजबूत है, जहां 161 की ही जरूरत है. बचे हुए 11 सांसदों का समर्थन आसानी से मिल सकता है, लेकिन बड़ी चुनौती लोकसभा में होगी.

इन्हें भी पढ़े

Ladakh

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

October 3, 2026
Dr. Ambedkar

एकात्म मानवदर्शन के बहुत निकट था डॉ अम्बेडकर का आर्थिक दृष्टिकोण

October 3, 2026
RSS

संघ को समझने का प्रयास है पुस्तक – आरएसएस @100

October 3, 2026
stock market

भारत में आर्थिक विकास की गति तेज रहने के बावजूद क्यों गिर रहा है शेयर बाजार

October 3, 2026
Load More

वजह यह है कि 543 सदस्यों वाली लोकसभा में दो तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों की जरूरत होगी. यहां एनडीए के पास 318 सांसद ही हैं, इनमें 240 भाजपा के हैं. इसके अलावा जेडीयू, टीडीपी और एकनाथ शिंदे के भी सांसद हैं. फिर टीएमसी से टूटकर नई पार्टी बनाने वाले 20 सांसद भी हैं तो उद्धव गुट के बागी 6 सांसद भी इनमें शामिल हैं.

इस तरह आंकड़ा 318 का हो जाता है, जो जरूरी दो तिहाई बहुमत से 42 कम है. यहां चिंता की बात यह है कि INDIA अलायंस से बाहर के दलों के पास 38 सांसद ही बचते हैं. इस तरह यदि इनका पूरा समर्थन भी मिल जाए तो भी आंकड़ा पूरा नहीं होता. एनडीए को INDIA अलायंस के ही 4 और सांसदों के समर्थन की जरूरत रहेगी.

अब जिन 38 सांसदों की बात हो रही है, वे डीएमके, वाईएसआर, बीजेडी, बीआरएस, बीएसपी जैसे दलों के हैं. सवाल यह भी है कि क्या इन सभी का समर्थन एनडीए को वोटिंग के दौरान मिल पाएगा. फिर एनडीए को पूरी कोशिश यह भी करनी होगी कि अब तक उसके साथ दिख रहे सांसदों में से वोटिंग के दौरान कोई भी टूटे नहीं. ऐसी स्थिति में तीन तरीकों से एनडीए के पास समर्थन जुटाने की क्षमता बनती है. यदि शरद पवार गुट के 8 सांसद साथ दे दें तो 42 सांसदों की कमी घटकर 34 तक आ जाएगी. फिर गैर-एनडीए दलों के 38 सांसदों को साथ लेकर कोई भी बिल पारित कराया जा सकता है.

डीएमके वोटिंग से दूर हो जाए तो NDA को कितना फायदा

दूसरा विकल्प यह है कि डीएमके वोटिंग से ही दूर हो जाए. यदि ऐसा हुआ तो लोकसभा में सदस्य संख्या ही 518 रह जाएगी. दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा तब 346 होगा. एनसीपी-शरद पवार के साथ 326 तक पहुंचे एनडीए को फिर 20 ही और सांसदों की जरूरत रहेगी. तीसरी स्थिति यह है कि डीएमके के अलावा 30 और सांसद गैर-हाजिर रहें. तब सदस्य संख्या 488 होगी और दो-तिहाई आंकड़ा 326 ही रहेगा, जो एनडीए के पास उपलब्ध ही होगा.

राज्यसभा में सिर्फ 11 सांसद चाहिए, गैर INDIA दलों से समर्थन की उम्मीद

ऐसी स्थिति एनडीए के लिए सबसे ज्यादा मुफीद रहेगी. वहीं राज्यसभा में एनडीए की बात करें तो वहां उसे 11 ही और सांसद चाहिए होंगे. किसी भी गठबंधन में शामिल न होने वाले दलों के सांसद राज्यसभा में 24 हैं. इनमें से यदि आधे भी साथ आ गए तो एनडीए को उच्च सदन में आसानी से बढ़त मिल जाएगी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Mohan Bhagwat

युवाओं के सवालों से संवाद तक: मोहन भागवत ने बताया Gen-Z को समझने का रास्ता

August 8, 2026
CM Yogi

लिफ्ट की सुरक्षा-संरक्षा सुनिश्चित करने प्रदेश में लागू होगा कानून: सीएम योगी

December 26, 2023
वक्फ संशोधन विधेयक

वक्फ संशोधन विधेयक दोनों सदनों में पास, क्या रहा इसका इतिहास!

April 5, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता का ओखला लैंडफिल दौरा, 2026 के अंत तक कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का किया दावा
  • न अमेरिका-ईरान के बीच डील हुई, न होर्मुज खुला, फिर भी गिरे कच्चे तेल के दाम
  • भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.