पटना. तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और बेऊर जेल भेजे जाने के बाद एक बार फिर लालू परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों की चर्चा तेज हो गई है. वहीं, तेज प्रताप यादव पर मुकदमों को लेकर भी लोगों में जानने की इच्छा है. ऐसे में हमने 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे से तेज प्रताप यादव पर केस के आंकड़े जुटाए हैं.
चुनावी हलफनामे की जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप पर 8 आपराधिक मामले घोषित थे. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और महिला से जुड़े अपराध जैसी गंभीर धाराओं का भी उल्लेख है. दूसरी ओर उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने 2025 के चुनावी हलफनामे में 22 आपराधिक मामले घोषित किए थे. जबकि पिता लालू प्रसाद यादव की स्थिति अलग है. वह चारा घोटाले के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और सजायाफ्ता भी हैं, लेकिन फिलहाल जमानत पर हैं. बता दें कि उनकी सजा और जमानत, दोनों के खिलाफ अपील लंबित है.
तेज प्रताप पर कितने केस?
तेज प्रताप यादव ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से नामांकन के दौरान अपने हलफनामे में 8 आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी. MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामे के अनुसार, इन मामलों में IPC की धारा 302 यानी हत्या, 307 यानी हत्या के प्रयास, 498A यानी पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता और 333 यानी सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं. हालांकि यहां एक जरूरी बात यह भी है कि केस दर्ज होना दोष साबित होना नहीं है. चुनावी हलफनामे में घोषित ये मामले न्यायिक प्रक्रिया में हैं और इन्हें आरोप या लंबित मामले के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
307 का मामला पहले से, अब नई गिरफ्तारी
हालांकि, तेज प्रताप की मौजूदा गिरफ्तारी के संदर्भ में 307 की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके 2025 के हलफनामे में पहले से एक मामले में IPC की धारा 307 दर्ज है. यह कोतवाली थाना, पटना के 2021 के मामले से जुड़ा है. इसमें 147, 149, 341, 342, 323, 333, 337, 338, 353 और 504 समेत कई धाराओं का उल्लेख है. अब NEET विवाद से जुड़े प्रदर्शन में उनकी गिरफ्तारी के बाद फिर 307 लगाए जाने की बात सामने आई है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि तेज प्रताप पर पहली बार हत्या के प्रयास की धारा लगी है.
तेज प्रताप यादव पर दर्ज ज्यादातर मामले राजनीतिक आंदोलनों, रैलियों, मार्च और चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन से जुड़े हुए हैं. उन पर पटना, जहानाबाद और महुआ के विभिन्न थानों में आईपीसी (IPC) की धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं. इनमें मुख्य रूप से बिना अनुमति के गैर-कानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करना, सरकारी आदेशों की अवहेलना करना, सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालना और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं.
घरेलू हिंसा और तलाक का केस भी है लंबित
आपराधिक मुकदमों के अतिरिक्त, तेज प्रताप यादव का अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ पारिवारिक विवाद भी लंबे समय से बिहार की राजनीति और मीडिया की सुर्खियों में रहा है. पटना की फैमिली कोर्ट में उनका तलाक का सिविल मामला अभी भी पेंडिंग है. इसके अतिरिक्त, उनकी पत्नी द्वारा उन पर घरेलू हिंसा रोधी अधिनियम के तहत भी एक मामला दर्ज कराया गया था, जो न्यायालय की कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन है.
तेजस्वी यादव पर 22 आपराधिक मामले
दूसरी ओर तेज प्रताप के छोटे भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 2025 के विधानसभा चुनाव में राघोपुर से दाखिल हलफनामे में 22 आपराधिक मामले घोषित किए थे. 2020 के चुनावी हलफनामे में उनके द्वारा घोषित मामलों की संख्या 11 थी. 2025 के हलफनामे में उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक धमकी समेत कई धाराओं का उल्लेख है. इन मामलों का होना भी अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है. MyNeta के रिकॉर्ड में तेजस्वी के 2025 के हलफनामे में किसी मामले में दोषी साबित होने या फिर सजा की बात दर्ज नहीं है.
लालू प्रसाद यादव की स्थिति सबसे अलग
लालू प्रसाद यादव के मामले में तस्वीर अलग है. वह चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देवघर कोषागार मामले में उनकी जमानत रद्द करने से इनकार किया और झारखंड हाईकोर्ट को उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर छह महीने में फैसला करने को कहा. यानी लालू दोषी ठहराए जा चुके हैं, सजायाफ्ता भी हैं, लेकिन वर्तमान में वे जमानत पर हैं और उनकी अपील लंबित है.
पिता दोषी, बेटे आरोपी… पर कानूनी स्थिति अलग
लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है, तेजस्वी यादव के खिलाफ 22 मामले घोषित हैं, जबकि तेज प्रताप यादव के खिलाफ 8 मामले घोषित हैं. इनमें से किसी व्यक्ति की कानूनी स्थिति समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि मामला सिर्फ FIR और आरोप के स्तर पर है, आरोप तय हुए हैं या अदालत ने दोषी ठहराया है.







