प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सांसद मौजूद रहे। इस बार की बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए सांसदों ने पहली बार एनडीए की इस बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान संसद के आगामी विधायी एजेंडे, मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs), किसानों से जुड़े विषयों और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, संसद में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भी सांसदों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
मुक्त व्यापार समझौतों पर सकारात्मक चर्चा
बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई सांसद सयोनी घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित यह सत्र ज्ञानवर्धक और जानकारीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि मुक्त व्यापार समझौतों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 के समर्थन की भी अपील की।
वहीं, एनसीपीआई सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि पहली बार पार्टी के 20 सांसदों को एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक में आमंत्रित किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में देश की विकास योजनाओं, मुक्त व्यापार समझौतों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। उनके अनुसार, इस जानकारी के आधार पर सांसद आम जनता को भी सरकार की नीतियों और फैसलों से बेहतर तरीके से अवगत करा सकेंगे।
राजनीतिक दृष्टि से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों ने एक बार फिर एनडीए के प्रति अपना समर्थन दोहराया। ऐसे समय में जब संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रस्तावित है, यह बैठक गठबंधन की रणनीति और एकजुटता के लिहाज से अहम संकेत देती है।







