नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों की अंतिम संख्या सामने आ गई है. महिला एवं बाल विकास विभाग के मुताबिक, अब इस योजना के लिए 1 करोड़ 66 लाख महिलाएं पात्र पाई गई हैं. वहीं, 66 लाख महिलाओं ने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिसके चलते उनके नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए गए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जून महीने की किस्त भेज दी है. इस योजना के तहत हर पात्र महिला को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है. सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई थी.
योजना शुरू करते समय ये थीं पात्रता की शर्तें
राज्य सरकार ने 28 जून 2024 को शासन निर्णय जारी कर मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना शुरू की थी. योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं. इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा सरकार ने अन्य पात्रता शर्तें भी तय की थीं. ई-केवाईसी के बाद अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए.
2.63 करोड़ ने कराया था पंजीकरण
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, योजना के लिए 2 करोड़ 63 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया था. पहली किस्त जारी होने के समय लाभार्थियों की संख्या 2 करोड़ 47 लाख थी. लेकिन ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने और पात्रता की जांच के बाद लाभार्थियों की संख्या घटकर 1 करोड़ 66 लाख रह गई.
सरकार की जांच में जिन महिलाओं के नाम पर चारपहिया वाहन पाए गए या जो सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं, उनके नाम भी लाभार्थी सूची से हटा दिए गए. सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक रूप से जरूरतमंद और पात्र महिलाओं तक सहायता पहुंचाना है.
राशि बढ़ाने पर मुख्यमंत्री करेंगे फैसला
महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कुछ दिन पहले अमरावती में कहा था कि लाडकी बहन योजना की मासिक सहायता राशि बढ़ाई जाए या नहीं, इस संबंध में मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे.
उन्होंने यह भी बताया था कि सरकार ने महिलाओं को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए छह महीने की समय-सीमा दी है. जिन महिलाओं ने एक बार केवाईसी करा लिया है, लेकिन उसमें कुछ कमियां रह गई हैं, उन्हें सुधार करने का भी मौका दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का मकसद योजना का लाभ सही और पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है.







