सतीश मुखिया
मथुरा : उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (डुवासु), मथुरा ने कुलपति डॉ. अभिजित मित्र के दूरदर्शी नेतृत्व में पशुधन विकास, प्रजनन जैव-प्रौद्योगिकी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित पशु चिकित्सा अनुसंधान तथा वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें राजस्थान लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (आरएलडीबी), जयपुर तथा सीएसआईआर–केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ के साथ रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है।

दोनों एमओयू पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. ए. के. मदान, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. विकास पाठक तथा प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. संजीव सिंह ने हस्ताक्षर किए।
राजस्थान लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड, जयपुर की ओर से डॉ. प्रीतपाल सिंह कालरा, प्रबंधक तथा डॉ. मनीष कुमार गर्ग, वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के अंतर्गत बकरी वीर्य उत्पादन कार्यक्रमों को विकसित एवं सुदृढ़ करने, बकरी वीर्य उत्पादन केंद्रों की स्थापना एवं संचालन हेतु तकनीकी सहयोग प्रदान करने तथा पशु चिकित्साधिकारियों, पैरा-वेट्स एवं पशुपालकों के लिए वैज्ञानिक पशुपालन एवं प्रजनन तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सहयोग से बकरियों की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार, वैज्ञानिक प्रजनन प्रणाली को बढ़ावा, पशुधन उत्पादकता में वृद्धि तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।
वहीं, सीएसआईआर–सीमैप, लखनऊ की ओर से संस्थान के निदेशक की ओर से डॉ. देबब्रत चंदा, वैज्ञानिक-एफ, इंटरनेशनल फेलो (आईसीएमआर-डीएचआर) एवं डीबीटी-क्रेस्ट पोस्टडॉक्टोरल फेलो, किंग्स कॉलेज लंदन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत औषधीय एवं सुगंधित पौधों से प्राप्त नवीन जैव-सक्रिय अणुओं की पहचान एवं उनका पशु चिकित्सा में उपयोग, पशु रोगों की रोकथाम एवं उपचार हेतु पौध-आधारित नवाचार, पशु स्वास्थ्य एवं कल्याण में सुधार, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, प्रौद्योगिकी विकास, वैज्ञानिक ज्ञान का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।







