प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि “छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। इसके जवाब में बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी पर सदन की कार्यवाही से बचने और मुद्दों पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि “सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ गोली चलाने या बल प्रयोग की अनुमति किसने दी। राहुल गांधी ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह में संसद में आकर छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर जवाब देने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा, “सवाल शुरू से यही है कि अमित शाह को यह स्पष्ट करना है कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर गोली चलाने की अनुमति किसने दी।”
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि “यदि गृह मंत्री ने ऐसी कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो उन्हें गृह मंत्री के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की ओर से जंतर-मंतर पर गोली चलाए जाने के आरोपों से इनकार किया गया है।
बीजेपी ने किया पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को संसद में चर्चा के लिए आने की चुनौती दी। जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है और राहुल गांधी को चर्चा से भागना नहीं चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि “राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं और उनका उद्देश्य संवाद के बजाय राजनीतिक टकराव पैदा करना है। नड्डा ने कहा, “राहुल गांधी, चर्चा से मत भागना। सदन के अंदर हम हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं और आपको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
पीयूष गोयल बोले- ‘राहुल, भागना नहीं’
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के मुद्दे पर विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार हैं। पीयूष गोयल ने लिखा कि कांग्रेस और विपक्ष को गृह मंत्री के जवाब के समय सदन से भागना नहीं चाहिए, बल्कि पूरा जवाब सुनना चाहिए। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “राहुल, भागना नहीं।”
सरकार ने गोली चलने के आरोपों को बताया गलत
जेपी नड्डा ने जंतर-मंतर पर गोली चलने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी को गलत सूचना नहीं फैलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चलाई गई और न ही वहां गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था।
इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस जहां छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि विपक्ष को संसद में चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष भी सुनना चाहिए।
झारखंड में छात्र प्रदर्शन का भी उठा मुद्दा
बीजेपी ने दिल्ली के साथ-साथ झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। जेपी नड्डा ने पूछा कि राहुल गांधी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने झारखंड सरकार में कांग्रेस की भागीदारी का हवाला देते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है।
राहुल गांधी ने झारखंड की घटना पर भी दी प्रतिक्रिया
झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं है। उन्होने कहा कि “जहां भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा होगी, कांग्रेस उसका विरोध करेगी। इस बयान के बाद भी बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली और झारखंड की घटनाओं को लेकर अलग-अलग रवैया अपना रही है।
किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से की अपील
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि “सरकार जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष को सदन में हंगामा नहीं करना चाहिए और गृह मंत्री अमित शाह का पूरा जवाब सुनना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि “विपक्ष को यह भरोसा भी देना चाहिए कि चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित नहीं की जाएगी।”
जंतर-मंतर की घटना पर अब भी विवाद
जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद अभी भी बना हुआ है। राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर गोली और पैलेट गन चलाए जाने के आरोप लगाए गए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
इस घटना में कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें भी सामने आई थीं। एक घायल प्रदर्शनकारी के मेडिकल दस्तावेज में कान में गनशॉट चोट का उल्लेख होने का दावा किया गया है। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में किस प्रकार की कार्रवाई हुई और चोटों की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, इसे लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है।
संसद में टकराव बढ़ने के आसार
छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्ट जवाब की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष से सदन में चर्चा में शामिल होने और सरकार का जवाब सुनने की मांग कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।







