नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण की आलोचना की है। भारत की स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद, छल और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के समर्थन के गंभीर नतीजे होंगे।
पेटल गहलोत ने भारत और जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणियों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि असल मुद्दे की जड़ में पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद की पुरानी नीति है। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले साल दिखा दिया था कि आतंकियों के पास भागने या छिपने की कोई जगह नहीं बचेगी। भारत आतंकवाद को नहीं सहेगा, आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल भारत करेगा।
पाकिस्तान को जमकर फटकारा
पेटल गहलोत ने शहबाज शरीफ के लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों वाले बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह भाषण उस सरकार की ओर से आया है, जिसकी राजधानी इस वक्त अपनी ही जनता के खिलाफ किलेबंदी कर रही है।
पेटल गहलोत ने कहा, ‘पाकिस्तान की सरकार, सेना की, सेना के द्वारा और सेना के लिए बनी सरकार है, जिसके असली सत्ता केंद्र पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और वहां के असली शासक को दी गई आजीवन छूट का भी जिक्र कर भी फटकारा।
लादेन और 9/11 पर भी पाकिस्तान बुरा फंसा
पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान वही है, जिसकी सैन्य अकादमी के पास ओसामा बिन लादेन छिपा था। पाकिस्तान किस मुंह से भारत की आलोचना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भाषण 9/11 हमले की 25वीं बरसी के कुछ ही हफ्तों बाद दिया गया है, जिसके मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन उसी सैन्य अकादमी के पास रह रहे थे, जिसके सामने पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने इतनी श्रद्धा दिखाई है।
धार्मिक उत्पीड़न पर भी पाकिस्तान पर उठाए सवाल
पेटल गहलोत ने धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों को लेकर भी पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बयान उन लोगों की ओर से आया है, जिनका नफरत और कट्टरता का लंबा इतिहास रहा है। उनके मुताबिक ये लोग दिन में सुरक्षा की बात करते हैं और रात में आतंकवाद फैलाते हैं।
जम्मू-कश्मीर पर भारत का रुख दोहराया
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी उठाया था। भारत ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। दुनिया को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की ओर ध्यान देना चाहिए। शहबाज शरीफ सिंधु जल संधि और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर भारत को घेर रहे थ।
कौन हैं पेटल गहलोत?
पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी हैं और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली से हैं। पेटल गहलोत 2015 में IFS से जुड़ी थीं। इससे पहले वह 2020 से 2023 तक विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी रह चुकी हैं। जुलाई 2023 में वह फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर UN में भारत के स्थायी मिशन से जुड़ीं।
कितनी पढ़ी लिखी हैं पेटल गहलोत?
पेटल गहलोत ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में ग्रेजुएशन किया है। दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति शास्त्र में पीजी की डिग्री हासिल की है। डिप्लोमेसी के अलावा वह संगीत में भी दिलचस्पी रखती हैं और गिटार बजाती हैं।
2025 में भी दिया था करारा जवाब
पेटल गहलोत ने सितंबर 2025 में भी शरीफ के UNGA भाषण के बाद तीखा जवाब दिया था। उस वक्त शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया था कि पाकिस्तान पर भारत की ओर से बिना उकसावे के हमला हुआ था। शहबाज शरीफ ने इस बार की तरह 2025 में भी जंग रोकने का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को दिया था। भारत ने जवाब में कहा था कि शहबाज शरीफ झूठ बोल रहे हैं।







