प्रकाश मेहरा
दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी भारी हंगामे और राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन के भीतर जारी गतिरोध का असर संसद परिसर में भी दिखाई दिया, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने नजर आए।
सत्र के समापन के दौरान परंपरा के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध और जोरदार नारेबाजी के कारण माहौल गर्म रहा। अंततः लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी हंगामे और गतिरोध के बीच कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
मकर द्वार पर भी दिखी सियासी गर्मी
संसद के अंतिम दिन सदन के बाहर भी राजनीतिक माहौल गरम रहा। संसद परिसर के मकर द्वार पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।
बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि झारखंड में छात्रों के चल रहे प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी पर इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
विपक्ष ने भी किया पलटवार
बीजेपी सांसदों के प्रदर्शन के जवाब में विपक्षी सांसदों ने भी नारेबाजी की। विपक्ष की ओर से सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए गए। संसद परिसर में दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण दिखाई दिया।
सत्र के अंतिम दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। सदन के भीतर जहां विपक्षी सांसदों का विरोध देखने को मिला, वहीं बाहर प्रदर्शन के जरिए दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
लगातार गतिरोध के बीच हुआ सत्र का समापन
मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आते रहे। विपक्ष ने विभिन्न विषयों पर सरकार से चर्चा और जवाब की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
आखिरकार सत्र के अंतिम दिन भी यह राजनीतिक गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।







