नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया में अमेरिका की स्थिति कमजोर हो रही है. वहीं भारत तेजी से दुनिया में अपना दबदबा कायम कर रहा है. गुटेरेस ने भारत को दुनिया का मिडिल पावर कहा. यूएन के महासचिव के मुताबिक दुनिया में शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ में बदलाव की जरूरत है.
फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका के कारण यूएन का काम ठीक से नहीं चल पा रहा है. बार-बार बजट में कटौती हो जा रही है. जिस मिशन के लिए यूएन की स्थापना की गई थी. उसे पूरा करना संभव नहीं है.
तीन जगहों पर बदलाव की जरूरत- गुटेरेस
गुटेरेस ने कहा कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के साथ-साथ वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ में बदलाव की जरूरत है. तभी बात बन सकती है. इसके लिए जो नए देश हैं, उसे आगे आना होगा.
गुटेरेस के मुताबिक यह तीनों ही संस्था दुनिया को कंट्रोल करने से जुड़ी हुई है. गुटेरेस ने इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीस बोर्ड यूएन का विकल्प नहीं हो सकता है.
गुटेरेस ने इंटरव्यू में और क्या क्या कहा है?
- दुनिया के ताकतवर देश जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन अपनी मनमानी नहीं थोप सकते.
- दुनिया के कई देश तेजी से उभर रहे हैं. इन्हें कंसिडर नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण स्थिति खराब हो रही है.
- यूएन सिक्योरिटी काउंसिल पंगु है. अमेरिका और रूस के वीटो ने कई मामलों में फैसला होने नहीं दिया.
- यूएन इस वक्त खुद संकट में है. हम कैसे दुनिया के युद्ध को रोक सकते हैं. हमारे पास काम करने के लिए लोग नहीं हैं.
- दुनिया में जो स्थिति बन रही है. ऐसी ही स्थिति यूरोप में प्रथम विश्वयुद्ध से पहले बनी थी.
यूएन को मजबूत करने की जरूरत
गुटेरेस ने आगे कहा कि यूएन का कोई विकल्प नहीं है. शक्तिविहीन होने के बावजूद यूएन का प्रभाव अभी पूरी दुनिया में है. इसे मजबूत अगर किया जाता है तो यह संगठन कारगर साबित हो सकता है.
1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गई थी. इस संगठन का उद्देश्य युद्ध रोकना और दुनिया में शांति बहाल करना है. हालांकि, इस मकसद में यह संगठन पूरी तरह विफल साबित हुआ है.







