नई दिल्ली। देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। गणेश चतुर्थी पर सुबह से ही गणपति स्थापना की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। शुभ मुहूर्त में बप्पा को चौकी पर विराजमान कर उनका पूजन किया जाता है। पूजा के दौरान दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद गणेश मंत्रों का जाप और आरती की जाती है।

प्राचीन ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मन्दिर में गणेश उत्सव 14 सितंबर, 2026 से प्रारंभ हो गया है। यह कार्यक्रम 25 सितंबर, 2026, गणेश चतुर्दशी तक मनाया जाएगा। प्रात: 9-00 बजे मंदिर से प्रतिमा की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों महिला सेवादारों और रंग बिरंगी पगड़ी पहने पुरुष सेवादार मराठा बैंड की धुन पर नाच रहे थे।
गणपति जी की विधिवत स्थापना प्रातः 10:00 बजे की गई। तत् पश्चात आज के यजमान द्वारा गणपति जी का विधिवत पूजन व आरती की गई। गणपति जी का भव्य दरबार सजाया गया है। आरती के बाद सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।






