नई दिल्ली। भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है. किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले गणेश जी का स्मरण करने की परंपरा है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान गणेश के ऐसे कई मंदिर हैं, जहां सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. गणेश चतुर्थी के दौरान इन मंदिरों की रौनक और बढ़ जाती है. कई जगहों पर भव्य सजावट होती है, तो कहीं विशेष पूजा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 प्रमुख गणेश मंदिरों के बारे में.
सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
मुंबई का श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर देश के सबसे चर्चित गणेश मंदिरों में शामिल है. प्रभादेवी में स्थित यह मंदिर करीब दो शताब्दी पुराना है और 1801 में इसकी स्थापना हुई थी. मंदिर में भगवान गणेश की काले पत्थर की प्रतिमा विराजमान है, जिसकी सूंड दाईं ओर है. उनके दोनों तरफ रिद्धि और सिद्धि की प्रतिमाएं भी हैं. गणेश चतुर्थी जैसे अवसरों पर मंदिर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है. यहां भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद राशि के अलावा सोना-चांदी और दूसरी कीमती वस्तुएं भी अर्पित करते हैं.
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति, पुणे
पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर में प्रसिद्ध है. गणेशोत्सव के दौरान यहां का उत्सव देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं. दगडूशेठ गणपति से लोगों की आस्था के साथ-साथ समाजसेवा का भी जुड़ाव है. गणेशोत्सव के दौरान यहां बप्पा की सजावट और विशेष पूजा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
खजराना गणेश मंदिर, इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर का खजराना गणेश मंदिर भी देश के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है. सरकारी पर्यटन पोर्टल के मुताबिक यह शहर के सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है. मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. इसी विश्वास के कारण दूर-दूर से लोग भगवान गणेश के दर्शन करने आते हैं. यह मंदिर चढ़ावे के लिहाज से भी खास है. यहां भक्त नकद राशि के साथ सोना-चांदी भी अर्पित करते हैं.
कनिपाकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित कनिपाकम विनायक मंदिर भगवान गणेश के अनोखे स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है. इसे श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर भी कहा जाता है. भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार यहां भगवान गणेश की स्वयंभू प्रतिमा विराजमान है. स्थानीय मान्यता के अनुसार यह प्रतिमा एक कुएं में स्थित है और समय के साथ इसके आकार में वृद्धि होने की बात कही जाती है. यही अनोखी मान्यता और प्राचीन धार्मिक इतिहास कनिपाकम विनायक मंदिर को देश के दूसरे गणेश मंदिरों से अलग पहचान देता है.
मोती डूंगरी गणेश मंदिर, जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित मोती डूंगरी गणेश मंदिर शहर के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है. यह मंदिर मोती डूंगरी की पहाड़ी के आसपास स्थित है और यहां सालभर भक्तों की आवाजाही रहती है. गणेश चतुर्थी समेत कई प्रमुख त्योहारों पर यहां विशेष आयोजन होते हैं. मंदिर से जुड़ी एक मान्यता के अनुसार मेवाड़ के राजा गणेश जी की प्रतिमा को बैलगाड़ी में लेकर जा रहे थे. जहां बैलगाड़ी रुकी, वहीं मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया. इसी स्थान पर आज मोती डूंगरी गणेश मंदिर स्थित है.
त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर
राजस्थान के रणथंभौर में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर अपनी अलग पहचान रखता है. यहां भगवान गणेश के तीन नेत्र वाले स्वरूप की पूजा की जाती है. रणथंभौर किले के भीतर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी अनोखी परंपराओं के लिए भी प्रसिद्ध है. गणेश जी को शुभ कार्यों का देवता मानते हुए लोग शादी, गृह प्रवेश और दूसरे मांगलिक अवसरों से पहले उनका आशीर्वाद लेते हैं. इस मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित परंपराओं में से एक है शादी का पहला निमंत्रण गणेश जी को भेजना. मान्यता है कि शुभ कार्य का पहला निमंत्रण बप्पा को देने से उनका आशीर्वाद मिलता है. इसी वजह से यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त अपनी चिट्ठियां और विवाह के निमंत्रण भेजते हैं.
चिंतामन गणेश मंदिर, उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन का चिंतामन गणेश मंदिर भी भगवान गणेश के प्रमुख मंदिरों में शामिल है. यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र माना जाता है. नाम के साथ ही इस मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता जुड़ी है. भक्तों का विश्वास है कि चिंतामन गणेश के दर्शन और पूजा करने से मन की चिंताएं दूर होती हैं. इसी कारण लोग यहां अपनी परेशानियों और मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं.







