नई दिल्ली। सरकार में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। अब EPF कवरेज के लिए बेसिक सैलरी की अधिकतम सीमा (wage ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,00 कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस नए नियम से प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी सीधे तौर पर ईपीएफओ के दायरे में आ जाएंगे।
EPF सब्सक्राइबर्स को मिलेंगे ये बेनीफिट्स
रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को उसके PF खाते में जमा पूरी रकम एकमुश्त (Lump sum) दे दी जाती है। एमप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत, कुछ तय शर्तों को पूरा करने पर रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को हर महीने नियमित पेंशन की सुविधा मिलती है। तीसरा फायदा एंप्लाॉयीज डिपॉजिट-लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के तहत मिलता है।
कंपनी का योगदान
आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF में जाता है और उतना ही हिस्सा 12% कंपनी भी मिलाती है। कंपनी के 12% का बंटवारा कुछ इस तरह होता है:
- 8.33% EPS फंड में जाता है: पुराने नियम में ₹15,000 की लिमिट पर कंपनी अधिकतम ₹1250 हर महीने आपके पेंशन फंड में डालती थी, लेकिन अब नए नियम के ₹25,000 की लिमट पर ₹2,088 आपके फंड में जमा होंगे।
बता दें कि 20 साल से ज्यादा नौकरी करने वालों की पेंशन कैलकुलेशन में 2 साल का बोनस सर्विस ईयर जोड़ा गया है।
उदाहरण से समझिए
- 15 साल की नौकरी वाले कर्मचारी को कितनी मिलेगी पेंशन?
- मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹25,000 है और आपने 37 साल तक नौकरी की है।
- तो पुराने नियम से: पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 माना जाता था। फॉर्मूले 15,000X37/70 के हिसाब से आपकी पेंशन ₹7,928 प्रति माह बनती थी।
- लेकिन नया नियम लागू होने पर अब पेंशन योग्य वेतन ₹25,000 माना जाएगा। फॉर्मूले 25,000X37/70 के हिसाब से आपकी पेंशन ₹13,224 प्रति माह होगी। यानी आपको को हर महीने सीधे ₹5,296 का फायदा होगा।
नए नियम के तहत अब 25,000 की बेसिक सैलरी EPF के दायरे में
नए नियम के मुताबिक, अब ऐसे एंप्लॉयीज भी अनिवार्य रूप से EPFO के तहत आएंगे, जिनकी बेसिक सैलरी 25,000 रुपये तक होगी। अगर किसी व्यक्ति की बेसिक सैलरी 25,000 रुपये है तो इसका 12% कंट्रिब्यूशन एंप्लॉयीज की सैलरी से जाएगा। यह अमाउंट 3000 रुपये होगा। 3000 रुपये का ही कंट्रिब्यूशन एंप्लॉयर भी करेगा। एंप्लॉयर को अनिवार्य रूप से इस नियम का पालन करना होगा। इससे एंप्लॉयीज को रिटायरमेंट पर फायदा होगा।







