विकाश शुक्ला
उमरिया (मध्य प्रदेश)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों के सेवा सत्कार के लिए पांच दिवसीय हाथी महोत्सव शुरू हो गया है। यह आयोजन 24 से 28 सितंबर तक धमोखर बफर क्षेत्र के परासी गेट के पास किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ में काम करने वाले हाथियों को नियमित ड्यूटी से आराम दिया जा रहा है।

इन पांच दिनों में हाथियों की खास देखभाल की जाएगी। उन्हें नहलाया जा रहा है, और तेल से मालिश भी की जा रही है। साथ ही पशु चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है।
पसंदीदा भोजन से भव्य आमद
महोत्सव में हाथियों के लिए उनकी पसंद का भोजन भी रखा गया है। उन्हें केला, गन्ना, नारियल और रोटी सहित दूसरे खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं। आराम के साथ हाथियों को खुले वातावरण में घूमने का मौका भी मिल रहा है।
बता दें बांधवगढ़ के प्रशिक्षित हाथी वन विभाग के लिए कई कामों में मददगार हैं। जंगल में निगरानी, गश्त और वन्यजीवों के रेस्क्यू के दौरान इनकी मदद ली जाती है। कठिन और घने जंगल वाले इलाकों में हाथियों की भूमिका खास रहती है।
महोत्सव से पहले बांधवगढ़ के कुछ हाथियों को मैहर क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू अभियान में भी लगाया गया था। अभियान के बाद उन्हें वापस लाकर महोत्सव में शामिल किया गया है।
वहीं महोत्सव में बांधवगढ़ के कैंप में नन्हे हाथी ने रौनक बढ़ाई हुई है, जो कि लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बताया गया कि उसका नाम कृष्णा है और उसका जन्म अक्टूबर 2025 में हुआ था। कैंप में उसकी चंचल गतिविधियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
इस बार बदला खातिरदारी का स्थल
हाथियों का यह वार्षिक आयोजन पहले ताला क्षेत्र में किया जाता था। इस बार पहली मर्तबा इसे धमोखर बफर क्षेत्र के परासी गेट के पास आयोजित किया गया है। आयोजन के जरिए लोगों को हाथियों की देखभाल और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में हाथियों के स्वास्थ्य, भोजन और आराम का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।







