प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से पारित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में विधेयक को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की। विधेयक पर मतदान से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में अपने-अपने पक्ष रखे।
राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट तक इस विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री ने फायरिंग के आदेश दिए थे।
राहुल गांधी के आरोप का जवाब
राहुल गांधी के इस आरोप का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि “यह दावा तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने कहा, “राहुल जी ने आरोप तो लगाया, लेकिन उसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। गोली चलाने का आदेश कोई मंत्री नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट, डीएम या एसडीएम जैसे सक्षम प्रशासनिक अधिकारी देते हैं।”
जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि “दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी नहीं हुई थी, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टियर गैस का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर सार्वजनिक प्रशासन की प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव का भी आरोप लगाया।”
पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन विधेयक अब आगे की संसदीय प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।






