नई दिल्ली। पितृ पक्ष के दौरान पितरों को प्रसन्न करने के लिए उपाय किए जाते हैं. पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म करने के साथ ही कई उपायों को करना चाहिए. पितृ पक्ष में पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के दिन श्राद्ध कर्म किया जाता है. पितृ पक्ष में पितृ दोष दूर करने और पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के लिए सर्वपितृ अमावस्या का दिन बेहद खास है. पितृ पक्ष की अमावस्या का दिन बेहद खास माना जाता है. इस दिन सभी तिथियों का श्राद्ध कर्म कर सकते हैं.
पितृ पक्ष अमावस्या 2026
पितृ पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या के नाम से जानते हैं. आश्विन माह की अमावस्या तिथि का आरंभ 9 अक्टूबर की रात को 9 बजकर 35 मिनट पर होगा. अमावस्या का समापन 10 अक्टूबर की रात को 9 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में पितृ पक्ष में अमावस्या तिथि 10 अक्टूबर को मान्य होगी. यह दिन पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए बेहद खास रहेगा. अगर किसी को अपने पूर्वजों की श्राद्ध तिथि नहीं पता है तो, इस दिन श्राद्ध कर सकते हैं.
पितृ पक्ष में करें इन चीजों का दान
काले तिल का दान – पितृ पक्ष के दौरान काले तिल का दान करना बेहद शुभ होता है. आप काले तिल, आटा, चावल और भोजन का दान करें. काले तिल का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं.
कपड़े का दान – व्यक्ति को सर्वपितृ अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को कपड़े का दान करना चाहिए. कपड़े का दान करने से आपको पुण्य फल प्राप्त होंगे.
चांदी का दान – धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी को पितरों की धातु कहा जाता है. आप चांदी का दान करने में सक्षम हैं तो, चांदी का सिक्का या चांदी की कोई चीज मंदिर में दान करें.
गौ माता की सेवा – श्राद्ध पक्ष में गौ माता की सेवा करनी चाहिए. गौ माता को रोटी खिलानी चाहिए. सर्वपितृ अमावस्या के दिन बेजुबानों को खाना खिलाएं. कुत्ते, कौवे और गाय को भोजन कराएं.







