Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home मनोरंजन

फिल्में कैसे चुनते थे नाना पाटेकर? बनाए थे ये 4 सख्त नियम!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 8, 2026
in मनोरंजन
A A
nana patekar
30
SHARES
985
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में ऐसे एक्टर्स उंगलियों पर गिने जा सकते हैं, जिन्होंने कभी स्टारडम की चमक-दमक के आगे अपनी कला से समझौता नहीं किया. नाना पाटेकर उन्हीं चुनिंदा फनकारों में सबसे अव्वल थे. पांच दशकों के अपने शानदार फिल्मी करियर में नाना ने कभी भी सिर्फ पर्दे पर दिखने या भारी-भरकम फीस वसूलने के लिए फिल्में साइन नहीं कीं. उनकी फिल्मों की लिस्ट भले ही बहुत लंबी न रही हो, लेकिन जिस भी किरदार में वे उतरे, उसे इतिहास बना दिया. टीवी9 के एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया था कि वे किसी फिल्म को कैसे चुनते हैं, तो नाना पाटेकर ने अपने काम करने के तरीके और उन 4 सख्त नियमों का खुलासा किया था, जिन्हें वे किसी भी प्रोजेक्ट के लिए लक्ष्मण रेखा मानते थे.

नाना पाटेकर का पहला और सबसे बुनियादी उसूल यह था कि जब कोई लेखक या निर्देशक उन्हें कहानी सुनाने आता था, तो वे खुद को के बड़े स्टारडम के चश्मे से पूरी तरह अलग कर लेते थे. नाना ने कहा था,”मैं जब कहानी सुनता हूं, तो नाना पाटेकर एक एक्टर के तौर पर नहीं सुनता. मैं एक आम आदमी होकर, थिएटर में बैठने वाले आम दर्शक की तरह सुनता हूं. अगर वह कहानी एक साधारण इंसान के तौर पर मेरे दिल को छूती है, मुझे हंसाती है या रुलाती है, तभी मैं आगे बात करता हूं. अगर कहानी में दम नहीं है, तो कोई भी स्टारडम उसे नहीं बचा सकता.”

इन्हें भी पढ़े

Ajay Devgn -Tom Cruise

अजय देवगन ने दी टॉम क्रूज को टक्कर, ‘दृश्यम 3’ ने की इन हॉलीवुड फिल्मों से ज्यादा कमाई

October 5, 2026
movies

ऑनलाइन पर नई फिल्मों-सीरीज का आया तूफान, ये वीकेंड होगा धमाकेदार

September 26, 2026
Paradise

द पैराडाइज’ का बॉक्स ऑफिस तूफान, धमाल 4 समेत इन 15 फिल्मों का तोड़ा रिकॉर्ड

September 25, 2026
hanuman ansh

2 अक्टूबर का टेस्ट पास कर पाएगी ‘हनुमान अंश’?

September 24, 2026
Load More

निर्देशक का विजन और कहानी के साथ न्याय

कहानी पसंद आने के बाद नाना पाटेकर की दूसरी कसौटी होती थी, ‘फिल्म का कैप्टन’ यानी डायरेक्टर. नाना हमेशा ये परखते थे कि जिसने यह कहानी सोची है या जो इसे निर्देशित करने जा रहा है, क्या उसके पास इस जज्बात को स्क्रीन पर उतारने का विजन है? क्या वह इस कहानी के साथ पूरा न्याय कर पाएगा? नाना का मानना था कि एक कमजोर निर्देशक अच्छी से अच्छी स्क्रिप्ट का कत्ल कर सकता है, इसलिए निर्देशक की नीयत और उसकी कला पर उनका भरोसा होना बेहद जरूरी था.

को-स्टार्स और टीम की ताकत

नाना कभी भी ‘वन-मैन शो’ पर भरोसा नहीं करते थे. उनका तीसरा नियम होता था यह देखना कि उनके साथ कौन से कलाकार काम कर रहे हैं. वे अक्सर कहते थे कि मैच जीतने के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी की सेंचुरी काम नहीं आती, आखिरी के दो ओवरों में जो खिलाड़ी चौके-छक्के लगाकर 10-15 रन जोड़ता है, वह भी उतना ही अहम होता है. नाना हमेशा सह-कलाकारों की प्रतिभा और उनके समर्पण को तवज्जो देते थे, क्योंकि उनका मानना था कि जब सामने वाला एक्टर दमदार होगा, तभी परफॉर्मेंस में असली चमक आएगी.

पैसा सबसे आखिरी पायदान पर

आज के दौर में जहां कई सितारे स्क्रिप्ट से पहले अपनी फीस, वैनिटी वैन और लग्जरी की मांग सामने रखते हैं, तो वहीं नाना पाटेकर के लिए पैसा हमेशा चौथे और सबसे निचले पायदान पर रहा. नाना ने साफ शब्दों में कहा था, “चौथी बात आती है कि मुझे पैसे मिलेंगे या नहीं! यह मेरे लिए हमेशा सबसे आखिरी बात रही है. अगर ऊपर की तीनों शर्तें पूरी हैं और काम में ईमानदारी है, तो पैसे कम भी हों या देर से मिलें, मुझे फर्क नहीं पड़ता.”

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

संसद भवन में राजा महेंद्र प्रताप का चित्र लगाने की मांग

October 16, 2022

इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का SBI को नोटिस, बॉन्ड नंबरों का खुलासा!

March 17, 2024
PM Modi and vladimir Putin

भारत ने रूस से की ये मांग, क्या मान जाएंगे पुतिन?

May 5, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • नमो भारत कॉरिडोर से सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगी कला और संस्कृति की झलक
  • पीएम-उदय योजना को मिलेगी नई रफ्तार, दिल्ली में 65 करोड़ की ‘दृष्टि’ परियोजना को मिली स्वीकृति
  • नितिन नबीन का विपक्ष पर हमला, बोले- युवा सिर्फ युवा है, Gen Z-Alpha में क्यों बांटा जा रहा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.